भारत के लिए ऐतिहासिक और धार्मिक क्षण होगा राम मंदिर का उद्घाटन

धन्य है यह धरा, जिस धरा में प्रभु श्री राम का जन्म हुआ।

और इस धरा में जन्म लेकर उन्होंने धर्म- आस्था,विश्वास,मर्यादा,सेवा-सहयोग,समर्पण, भक्ति-भावना, की निर्मल पावन गंगा बहा दी।और यह गंगा बहा कर जन–जन के मन में सुंदर पुण्य–प्रताप की आस्था भर दी।ऐसे भगवान राम जिन्होंने

राजनीतिक,सामाजिक,सांस्कृतिक,धार्मिक सहिष्णुता का सुंदर परिचय दिया।और इसी परिचय की कड़ी में

सबसे पहले उन्होंने रामराज्य की परिकल्पना की।और उसे शत–प्रतिशत अमल में भी लाया।आज पूरे विश्व में अशांति,अधर्म ,दुराचार ,अत्याचार ,व्यभिचार,

चोरी–चमारी,मार–काट,शोषण,कुल मिलाकर यह कहें की मानवीय संवेदना पूरी तरह से लगभग खत्म हो चुकी है, मानवीय भावनाओं का पूरा–पूरा हास हो गया है।इसका कारण यही है की लोग धर्म–आस्था,विश्वास, पूजा–पाठ,भक्ति भावना से दूर हो गए हैं।लोग नास्तिक होते जा रहे हैं,लोग धर्म परिवर्तन कर रहे हैं,लोग भोग- विलासी हो रहे हैं,लोग अपनी संस्कृति–सभ्यता को भूलते जा रहे हैं,लोग अपना संस्कार भूलते जा रहे हैं।

लोग पाश्चात्य संस्कृति की नकल कर रहे हैं।और इसी कारण ये अपनी अस्मिता,अपना अस्तित्व,अपना ईमान धर्म,अपनी मानवीय भावना से दूर होते जा रहे हैं।ऐसे समय में आज भारत की पावन और पुण्य नगरी अयोध्या में प्रभु श्री राम की भव्य और अद्भुत मंदिर का निर्माण और उसमें प्रभु श्री राम की विराट मूर्ति स्थापना और फिर उसकी २२ जनवरी मार्ग शीर्ष शुक्ल दशमी तिथि विक्रम संवत २०८० को प्राण–प्रतिष्ठा का होना निश्चित ही पूरे विश्व के लिए और अपने भारत के लिए ऐतिहासिक और धार्मिक क्षण होगा जो इतिहास में स्वर्ण अक्षर से अंकित हो जाएगा।

इस भव्य मंदिर और अपने आराध्य प्रभु श्री राम के लिए हमारे देश के लोगों ने अपने तन-मन- की आहुति देकर कई वर्षों तक संघर्ष किया है।और कड़े संघर्षों के बाद अपने श्री राम को प्राप्त किया और धन्य हो गये।ऐसे पावन सुअवसर को पाकर निश्चित ही हमारा देश गौरवान्वित हो रहा है।और आने वाली नई पीढ़ियाँ भी गौरवान्वित होगी।अपने हिंदुत्व होने पर गर्व करेगी।हमारे देश के लिए सबसे बड़े गौरव की बात यह है की वर्षो की खोई हमारी अस्मिता,मान-बड़ाई,जो पिछले कई सदी से खो गई थी,आज अयोध्या में राम मंदिर की स्थापना से और राम राज्य अध्येता राम की प्राण प्रतिष्ठा से पुनः हमें वापस प्राप्त

होगी,इसमें कोई दो राय नही है।

हमारा देश धर्म-आस्था,विस्वास,ज्योतिष,यंत्र-तंत्र-मन्त्र,वास्तु

शास्त्र,ज्ञान विज्ञान,अंतरिक्ष विज्ञान,खगोल विज्ञान,मौसम विज्ञान,कला शास्त्र,वेद ज्ञान,काल ज्ञान,इन सभी विद्याओं का केंद्र रहा है,जिसको पुरा विश्व अनुकरण करता था।और विश्व गुरु, धर्म गुरु,ज्ञान गुरु,ज्योतिष गुरु कहलाता था, पर कुछ अंग्रेज,अफगान,मुसलमान,आदि के कारण इस छबि पर दाग़ लग गया था और इसके कारण हमारी छबि धूमिल हुई।लेकिन

यह धूमिल छबि अब उज्जवल हो रही है।और हमारी वही प्राचीन उपाधि,मान-सम्मान,हमे प्राप्त होगी।हम पूरे विश्व को अपना लोहा मनवाएँगे।हम पहले भी श्रेष्ठ थे,आज भी हैं और भविष्य में भी बने रहेंगे।हम पहले भी विश्व गुरु रहे हैं ,और आज भी हैं ,और भविष्य में भी रहेंगे,यह सिद्ध और साकार होता नजर आ रहा है।आइए अयोध्या की पावन धरा और हमारे प्रभु श्री राम जी का अभिनंदन वंदन करें जिनका पुण्य प्रताप युगों- युगों तक विद्यमान रहेगी।

आइए हम माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी का आभार करें जिन्होंने भारत वर्ष को एक हिंदुत्व राष्ट्र बनाने में महती भूमिका निभाई है,जिन्होंने अयोध्या साहित वहाँ की पावन नदिया सरयू का काया कल्प करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।और हमारी अस्मिता,मान-सम्मान और भारतीय सनातन धर्म की रक्षा की है।और हम यह संकल्प लें कि हमारा सनातन धर्म,प्राचीन संस्कृति सभ्यता  की ध्वजा सदैव फहराता रहे।


अशोक पटेल"आशु

तुस्मा,शिवरीनारायण छ्ग

९८२७८७४५७८