नया सवेरा

नया सवेरा, सुनहरी किरणें, भली-भली सी लागे,

सोहन-मोहन जागे, अंधकार का तम अब टूटा,

नींद हटी तब हुई खलबली, पंछी कलरव करते,

संगीत ध्वनि सी, तन-मन में नाद-अनुनाद मीठी,

कानों में मिसरी सी हमें लागे, बाजत मुरली मृदुल

मनोहर, कोयल-पपीहरा गाये मीठी-मीठी ताने,

ओ मोहन तुम मुखिया हमरे सबमें आस जगाए,

तुम आए हुआ नया सवेरा सब जन-जन हर्षाए,

सब गाओ नर-नारी प्रेम-प्रीती गीत मधुबन में,

नववर्ष का पूजा थाल संजाकर आओ भक्ति करें,

नये वर्ष में एक नई रफ्तार जियें, अंधकार में हो

उजियारा जब मोहन राज करें, निडर रहें सब हो,

मोहन की महिमा, कुशल क्षेम-मंगल पसरे, दिल में

एक ही बाना मोहन मन बसे सबका जीवन सुधरे ।


मदन वर्मा " माणिक "

इंदौर, मध्यप्रदेश

मो. 6264366070