नर्वस सिस्टम से जुड़ी समस्याओं को दूर करें योग

योग मुख्य रूप से हमारे शरीर की तंत्रिकाओं यानी नर्वस पर काम करता है यही वजह है कि योग से शरीर की हर तरह की बीमारियां दूर हो जाती हैं। नर्व्स शरीर के हर हिस्से को जोड़ती है इसलिए शरीर के सही संचालन के लिए जरूरी है कि नर्व्स सही तरह से काम करें। योग में भी इसके लिए शलभासन है, जो नर्वस सिस्टम पर काम करता है और उन्हें सक्रिय बनाता है, जिससे शरीर बेहतर तरीके से काम करता है

कमजोर तंत्रिका तंत्र शरीर में बीमारियों को बढ़ाता है। नियमित तौर पर योग का अभ्यास तंत्रिका तंत्र के लिए उपयोगी है।

तंत्रिका तंत्र हमारे शरीर में अंगों का नियंत्रण व शरीर के वातावरण को संतुलित करता है। हमारे शरीर की गतिविधियों को चलाने का काम तंत्रिका तंत्र करता है। अगर तंत्रिका तंत्र कमजोर हो जाए तो इससे हमारे पूरे शरीर में कमजोरी आने लगती है। कमजोर तंत्रिका तंत्र के कारण  शरीर में ऐंठन, टूटन, थकान आदि महसूस होने लगती है।

 जब हमारे दिमाग तक रक्त ठीक से नहीं पहुंच पाता है तब नर्वस सिस्टम ठीक से काम नहीं कर पाता। ऐसे में नर्वस सिस्टम को मजबूत बनाने में योग आसन बहुत कारगर हैं। योग एक्सपर्ट अलका सिंह का कहना है कि योग करने से नर्वस सिस्टम को मजबूती मिलती है जिससे हमारा दिमाग और शरीर दोनों सही प्रकार से काम करते हैं। तो आइए योग एक्सपर्ट अलका सिंह से जानते हैं कि वे कौन से योगासन हैं जिन्हें करने से नर्वस सिस्टम मजबूत होता है।

मजबूत तंत्रिका तंत्र के लिए योग आसन

वक्रासन:

यह पाचन की सुविधा में मदद करता है और पाचक रस के स्राव को नियंत्रित करता है। 

उष्ट्रासन:

यह जांघों पर वसा को कम करने में मदद करता है, कंधों और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करता है, उदर क्षेत्र का विस्तार करता है और श्वसन में सुधार करता है।

गोमुखासन:

घुटने के पुराने दर्द के इलाज में बहुत फायदेमंद है, रीढ़ और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है। यह छाती की गतिविधि में सुधार करने में भी मदद करता है

योग मुद्रा आसन:

यह आसन माइग्रेन और साइनस की समस्या को दूर करने में मदद करता है। यह लीवर और किडनी की बीमारियों के इलाज में भी मदद करता है।

मंडुकासन:

यह आसन कब्ज की समस्या का इलाज करने में मदद करता है और प्रतिरक्षा को मजबूत करता है। मंडुकासन मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में भी मदद करता है।

हलासन:

पीठ दर्द, बांझपन, अनिद्रा, साइनसाइटिस, थायराइड और मासिक धर्म की समस्याओं को ठीक करने में मदद करता है।

उत्तानपादासन:

यह एसिडिटी, अपच और कब्ज के इलाज में मदद करता है। यह पीठ दर्द को भी ठीक करता है और प्रजनन अंगों में सुधार करता है।मजबूत तंत्रिका तंत्र के लिए प्राणायाम

योग एक्सपर्ट अलका सिंह के अनुसार प्राणायाम तंत्रिका तंत्र को शांत और संतुलित करने में भी बहुत सहायक होते हैं। कपालभाति और अनुलोम विलोम जैसे प्राणायाम दिमाग को तेज करने और याददाश्त बढ़ाने में काफी कारगर होते हैं। दूसरी ओर, भस्त्रिका, भ्रामरी, उज्जयी और उदगीथ श्वसन और पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। 

मजबूत तंत्रिका तंत्र के लिए प्राणायाम

नाड़ीशोधन प्राणायाम प्राणायाम तंत्रिका तंत्र को शांत और संतुलित करने में भी बहुत सहायक होते है 

नाड़ीशोधन प्राणायाम,कपालभाति और अनुलोम विलोम जैसे प्राणायाम दिमाग को तेज करने और याददाश्त बढ़ाने में काफी कारगर होते हैं। दूसरी ओर, भस्त्रिका, भ्रामरी, उज्जयी और उदगीथ श्वसन और पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

योगा एक्सपर्ट

अलका सिंह