हापुड़ में हुए लाठी चार्ज के मामले में लखनऊ हाई कोर्ट गेट पर वकीलों का प्रदर्शन

लखनऊ। बुधवार को लखनऊ हाई कोर्ट के गेट पर वकीलों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने हापुड़ में लाठी चार्ज के मामले को लेकर डीएम- एसपी को हटाए जाने की मांग की वकीलों की मांग है। दोषी पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया जाए, वकीलों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। अवध बार एसोसिएशन, लखनऊ ने बुधवार को प्रदर्शन और हड़ताल पर रहने का ऐलान किया था।

 इसके अलावा बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की तरफ से पूरे यूपी में सरकार से पांच सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया गया है। उत्तर प्रदेश में वकीलों का प्रदर्शन बीते 29 अगस्त से लगातार जारी है। हापुड़ कांड को लेकर बार काउंसिल ने रखीं मांगेंजिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक हापुड़ का अविलम्बस्थानांतरण। दोषी पुलिस कर्मियों, जिन्होंने लाठीचार्ज किया और महिला अधिवक्ताओं को भी पीटने का कार्य किया है, उन पर मुकदमा दर्ज हो। प्रदेशभर में अधिवक्ताओं के विरुद्ध पुलिस ने मनगढ़ंत झूठी कहानी बनाकर जो मुकदमे दर्ज किए हैं, उन्हें स्पंज किया जाए। 

एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट पारित कर तुरंत प्रदेश में लागू किया जाए। हापुड़ के घायल अधिवक्ताओं को तुरंत मुआवजा दिया जाए।हापुड़ में वकीलों पर हुए लाठी चार्ज की घटना को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट, राजस्व परिषद बार एसोसिशन कैट समेत अन्य न्यायिक संस्थानों में बुधवार को भी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी ने देर रात यह निर्णय लिया है। उत्तर यूपी बीआर काउंसिल ने भी न्यायिक कार्य से विरत रहने के निर्णय को 14 सितम्बर तक बढ़ा दिया है। इससे यूपी में फिलहाल दो दिनों तक न्यायिक कार्य नहीं हो सकेगा।

बैठक में आशुतोष पाण्डेय, अशोक कुमार त्रिपाठी, स्वर्ण लता सुमन, सर्वेश कुमार दुवे, अजय सिंह, अशीष कुमार मिश्र, श्रीमती सरिता सिंह, अभ्युदय त्रिपाठी, विनोद राय, अमित कुमार पाण्डेय, ओम प्रकाश विश्वकर्मा, अरूण कुमार त्रिपाठी, आशुतोष मिश्र नगरहा, सुधीर कुमार केसरवानी, साइमा सहर, अनिरूद्ध ओझा, अनिल कुमार मिश्र, अनिल प्रताप सिंह, सर्वेश कुमार दूबे आदि कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे।