दलितों को बेरहमी से पीटने वाले दरोगा अजीत उपाध्याय को एसपी ने किया लाइन हाजिर

कौशांबी : जिले में एक ऐसा मामला देखने को मिला कि आप देख कर दंग रह जाएंगे। मंझनपुर कोतवाली के शमसाबाद चौकी पुलिस के दरोगा ने अमानवीयता की सारी हदें पार कर दीं। दो दलितों को पूछताछ के लिए चौकी बुलाया और उनकी कमरे में बन्द करके बेरहमी से पिटाई कर दिया। बदन पर पड़े नील के निशान देखकर लोग सिहर गए। पीड़ित ने मामले की शिकायत एसपी  से किया तो मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच एएसपी को सौंप दी गई। 

इसके बाद एसपी हेमराज मीणा ने दरोगा अजीत उपाध्याय को लाइन हाजिर कर दिया। मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के शमसाबाद गांव निवासी जीतलाल सोनकर पुत्र भोंदल व सीताराम सोनकर पुत्र फूलचंद्र के रहने वाले है। दरअसल पुलिस द्वारा पिटने वाले व्यक्ति का बेटा एक नाबालिग किशोरी को लेकर फरार हो गया है। आरोपी युवक के परिजनों का कहना है कि पुलिस आए दिन उन्हें पूछताछ के लिए चैकी बुलाया करती थी। लेकिन युवक के बारे में जानकारी न होने पर परिजन कुछ बता नहीं पा रहे थे।

 तभी 31 जुलाई को शमशाबाद चौकी प्रभारी अजित उपाध्याय ने पूछताछ के लिए उन्हें चौकी बुलाया। इसके बाद सीताराम और जीतलाल को कमरे में बंद करके लाठियों और पट्टे से जमकर पिटाई की। पिटाई से पीड़ितों की पूरी शरीर काली पड़ गई है। जगह-जगह पर स्याह निशान हैं। 

पीटने के बाद कहीं भी शिकायत नहीं करने की शर्त पर पुलिस ने छोड़ भी दिया था। इसमें दोनों लोग बुरी तरह से घायल हो गए हैं। मामले की शिकायत करने के लिए पीड़ित बुधवार को एसपी कार्यालय पहुंचे। मामले की शिकायत एसपी से की। मामला संज्ञान में आने के बाद एसपी हेमराज मीणा ने जांच कराई। 

प्रथम दृष्टया आरोप साबित होने पर एसपी ने चौकी प्रभारी अजीत उपाध्याय को लाइन हाजिर कर दिया। मामले में एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी मिली की व्यक्ति के द्वारा शमशाबाद चौकी के चौकी इंचार्ज और पुलिसकर्मियों पर आरोप लगा है। उसके साथ में चौकी पर बुलाकर मारपीट की गई है। 

इसके संबंध में तत्काल एडिशनल एसपी को जांच किया गया है जो चौकी इंचार्ज हैं उनको जब तक जांच होती है तब तक उनको तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। जांच में जो भी तथ्य आएंगे उसी के आधार पर आगे उसमें उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।