सदर तहसील में पुलिस व राजस्व कर्मचारियों की हीलाहवाली से प्रार्थनापत्रों की गुणवत्ता पर उठे प्रश्न

बांदा। संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम ने अधिकारियों को फरियादियों की समस्याओं को हर हाल में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि जनता बहुत उम्मीद लेकर आती है,उनकी समस्याएं जिम्मेदारी के साथ हल करनी चाहिए।साथ ही एक सप्ताह से अधिक समय तक शिकायते लंबित न रखने के की हिदायत दी।

जिलाधिकारी अनुराग पटेल की अध्यक्षता में अतर्रा तहसील सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ।विभिन्न विभागों के 109 प्रार्थना पत्र आये जिसमे पांच समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया गया।शेष प्रार्थना पत्रों को सम्बंधित विभागों को देकर शीघ्र जांच कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए।कस्बा निवासी कमलेश ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देते हुए बताया कि विद्युत विभाग द्वारा रीडिंग से अधिक बिल भेज दिया गया है।जिसकी शिकायत करने पर विभाग द्वारा दो बार संसोधन किया गया,लेकिन अभी तक संसोधन नही हुआ।वही कस्बा में हो रही बेहिसाब विद्युत कटौती की भी शिकायत की।

जिस पर डीएम ने अधिशासी अभियंता को कड़ी फटकार लगाते हुए बिल संसोधन कराने समेत विद्युत आपूर्ति रोस्टर के अनुसार करने के निर्देश दिए।समाधान दिवस में पुलिस अधीक्षक अभिनंदन,सीडीओ उपजिलाधिकारी विकास यादव सहित जिलास्तरीय विभागीय अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। सदर तहसील में दिवस की अध्यक्षता तहसीलदार पुष्कर ने की। मौके पर मात्र चार प्रार्थनापत्र निस्तारित बताए गए। शेष प्रार्थनापत्रों पर अधिकारियों ने संबंधित विभाग को यह लिखकर की नियमानुसार कार्यवाही करें के निर्देश के साथ उन्हें सौंप दिए। दिवस में आए फरियादी अतर्रा चुंगी चौकी निवासी नत्थू प्रसाद गुप्ता ने कहा कि वह तीन बार प्रार्थनापत्र दे चुके हैं कि मोहल्ले में दो खंभे लगवाए जाएं जिससे दूसरों की छत से गुजरी लाइन हादसे का सबब न बने। 

विधायक ने भी संस्तुति की पर तुलसीनगर पावर हाउस के एसडीओ, जेई कोई तवज्जो नहीं दे रहे। इसी तरह ग्राम अरबई के रामराज ने कहा कि दो बार शिकायती पत्र दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। तहसील समाधान दिवस रस्म अदायगी बनकर रह गया है। हल्का एसआइ व बीट सिपाही तहसीलदार के निर्देश व राजस्व कर्मचारी की आख्या तक नहीं पढ़ते। मनमुताबिक प्रतिवादी को ही लाभ देते हैं।