गुरु पूर्णिमा पर पाठा वासियों ने किया पौधारोपण

वृद्धजन सम्मान के साथ पाठा वासियों ने मनाई गुरु पूर्णिमा

चित्रकूट। मानिकपुर ब्लॉक के 8 गांवों में हरिशंकरी तथा अन्य पौधों का संस्कारशालाओं में रोपण किया गया |तथा गांव के उन वृद्ध महिला-पुरुषों का सम्मान किया गया जिन्होंने ग्राम जनों के जीवन को उन्नत बनाने में अपना तन, मन, धन अर्पित किया है। छोटे बच्चों ने भी अपने गुरुजनों का सम्मान हल्दी-चावल का टीका लगाकर किया। उपेक्षित, शोषित, वंचित, अभावग्रस्त गांव नेरुआ की अभिभावक माताओं ने मंगल गीत गाकर प्रसन्नता पूर्वक पौधरोपण कार्य में सहयोग किया। साथ ही जीर्णशीर्ण पंचायत भवन का गोबर, कीचड़ हटा कर बैठने योग्य बनाने के लिए श्रमदान भी इस गांव द्वारा किया गया।

 ज्ञातव्य है, नेरूआ दादूलैंड का शिकार गांव है। जंगल की गोद में बसा पड़ा आंसू बहा रहा है। पानी नहीं, विद्यालय 2 किलोमीटर दूर तथा आजीविका संकट सदा झेलना इस गांव की नियति है। 

अखिल भारतीय समाज सेवा संस्थान का प्रयास इनके साथ निरंतरता पूर्वक जारी है। गूंज संस्थान, नई दिल्ली ने भी सहयोग का हाथ बढ़ाया है। संवाद, श्रमदान, वृक्षारोपण में संस्थापक गोपाल भाई के साथ गूंज के धनेंद्र, विकास तथा सामाजिक कार्यकर्ता अर्चन , मनोज, मीनाक्षी भी साथ रहे। यहां नाबार्ड द्वारा जलागम कार्यक्रम भी संचालित है।

जारोमाफी, झरी, नई बस्ती, मोटवन, टिकरिया, मनगवां तथा जगन्नाथपुरम गांव में भी पौधरोपण, वृद्ध सम्मान तथा पर्यावरण संवाद के समारोह संपन्न हुए। सभी सभाओं में वृक्षों को बचाने का संकल्प लिया गया। इन सभी गांवों में उच्च शिक्षा तक ले जाने के लिए संस्थान द्वारा उपमा के सहयोग से मानवीय चेतना संपन्न संस्कार देने के प्रयास भी जारी हैं।