बाधा (चौपाई छंद )

नमन तुम्हें हैअब रघुराई |

पास नहीं कुछ बाधा आई ||

भजन गीत मन अति हर्षाया |

राग द्वेष छल दूर भगाया ||

गीता ज्ञान सकल उर धारे |

महिमा उनकी नाम सँवारे ||

हरदम संत करें उपदेशा |

मानव जान सुखी सब वेषा ||

सीता राम सहित प्रभु आओ |

मेरे हृदय आप बस जाओ ||

देव करो पूरी अभिलाषा |

पावस प्रेम पवित्र परिभाषा ||

राम सिया की महिमा जानो |

राम राज्य को वेद बखानों ||

उचित कर्म मानव हो तेरे |

सियाराम की माला फेरे ||

हर्षित उर से नाचें गाएँ |

सुखमय जीवन अब सब पाएँ ||

हरपल राम भजन तुम करना |

लक्ष्य बनाकर चलते रहना ||

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कवयित्री

कल्पना भदौरिया "स्वप्निल "

लखनऊ

उत्तरप्रदेश