संयुक्त परिवारिक संस्कृति का विलुप्त होना, समाज के लिए दुर्भाग्यपूर्ण: सत्येंद्र आहूजा

सहारनपुर। सामाजिक संगठन जनचेतना मिशन सहारनपुर द्वारा आयोजित परिवारिक मिलन कार्यक्रम में संस्था अध्यक्ष सत्येंद्र आहूजा ने कहा कि संयुक्त परिवारों का विलुप्त होना समाज के लिए बहुत बड़ा दुर्भाग्य है, संयुक्त परिवारों के अभाव में सामाजिक संगठनों का महत्व और बढ़ गया है। परिवारिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एकल परिवारों के चलन और  संयुक्त  परिवारों के विलुप्त होते सामाजिक परीदृश्य में सुख दुःख में साथ खड़े होने के लिए सामाजिक संगठनों की भूमिका और उपयोगी हो गई  हैं, को संबोधित करते हुए चेयरमैन एवं संस्थापक गुलशन नागपाल ने कहा सामाजिक संगठनों की भूमिका संयुक्त परिवारों की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन  लोगों को भी प्रोत्साहित करना है, जो समाज में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाते हैं समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्व को समझते हैं । 

कार्यक्रम में वसंत को सच के प्रहरी के रूप में, एंड स्टोर केयर सोसाइटी के अध्यक्ष परमप्रीत बत्रा को समाज सेवा के लिए ‘‘ ग्रेट सोशल पर्सनालिटी के रूप में अमित शर्मा को पैरामाउंट विकास पुरुष के रूप में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में रवि बब्बर एवं राजीव धारिया  द्वारा प्रस्तुत परिवारिक गीतों ने लोगो को भाव विभोर कर दिया। कार्यक्रम में परमप्रीत बत्रा, अनिल रसवंत, के साथ-साथ सोसायटी के महासचिव कार्तिकेय खुराना, कोशाअध्यक्ष विजय  दत्ता ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम को सरदारनी एवम सरदार मनप्रीत सिंह द्वारा  प्रस्तुत उत्साहवर्धक प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। कार्यक्रम में वीरेंद्र भारती, हरजीत सिंह, रवि बब्बर नरेश कुमार, सुनील मखीजा, शिवचंद्र गुलाटी, संयोजक गोविंदर सिंह, मुकेश सेठ, आशु सिंधु, संजय अरोड़ा, व्यापारी नेता शीतल टंडन, रवि जुनेजा सरवन मक्कड़, राजीव धारिया, अरुण सदाना, मनीष मुंजाल, मनोज खुराना, एच एस ग्रोवर इत्यादि विशेष रूप से परीवार सहित उपस्थित रहे.। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती एवं मनप्रीत सिंह के द्वारा किया गया।