नदियां गाना तेरा गहना !

इतना स्थिर हौले हौले बहना

नदियां गाना तेरा गहना !

मचल-मचल गाती हो,

क्यों शोर इतना मचाती हो,

इतना स्थिर हौले-हौले बहना

नदियां गाना तेरा गहना,

तू  धीमें धीमें बहना तो,

मधुर रहेगी तेरी आवाज रे,

चंचल तेरी थाती, सबको है भांती,

जब भी तू गुनगुनाती, तेरे

पानी में ही बह जाते सबके,

दुख: क्लेष विकार रे नदियां !

हंस लो और गालों, सब झूमों नाचो रे,

नदियों से गीत सुन लो, मनसुख पालो रे,

बहता जल कलकल की मारे किलकारी रे,

बहता पानी दिल को ठंडक देता पानी रे !

मचल-मचल गाती हो,

क्यों शोर इतना मचाती हो,

इतना स्थिर हौले हौले बहना

नदियां गाना तेरा गहना !

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-जयश्री वर्मा, (से.नि.शिक्षिका)

इंदौर, मध्यप्रदेश