व्यापार मण्डल की प्रदेश कार्य समिति की बैठक में जीएसटी की बढ़ी दरों को वापिस लेने की मांग उठी अन्यथा आंदोलन की चेतावनी

जीएसटी में कारोबारी बेहाल, सरकार मालामाल: शीतल टण्डन

सहारनपुर । उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार की जिला इकाई के प्रमुख पदाधिकारियों को स्थानीय रेलवे रोड स्थित जिला मुख्यालय कार्यालय में गत दिवस उ0प्र0 उद्योग व्यापार मण्डल की मुजफ्फरनगर में प्रांतीय कार्य समिति के प्रांतीय अध्यक्ष मुकुन्द मिश्रा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई और संचालन प्रांतीय महामंत्री राजेन्द्र गुप्ता व डा.दलीप सेठ द्वारा किया गया। 

बैठक की जानकारी देते हुए जिलाध्यक्ष शीतल टण्डन ने कहा कि इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में व्यापारी प्रतिनिधि शामिल हुए और पूरी बैठक में जीएसटी काउन्सिल की गत 28,29 जून को हुई बैठक में अब प्रीपैक्ड प्री लेवेल्ड गेंहू, चावल, दाल सहित दूध,दधी और मक्खन को भी जीएसटी के दायरे में लाने की अनुशंसा की गयी है, जिसका देशभर के व्यापारियों ने विरोध करते हुए इसको अविलम्ब वापिस लेने की मांग की है और यदि यह प्रस्तावित वृद्धि वापिस नहीं होती तो व्यापारियों के समक्ष आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं है। 

श्री टण्डन ने कहा कि 1 जुलाई 2017 से लागू जीएसटी के पांच वर्ष पूरे होने पर भी बार-बार अनुरोध और संशोधन प्रस्ताव देने के बावजूद केन्द्रीय वित्तमंत्री इस प्रणाली के सरलीकरण और टैक्स की दरों को कम करने को तैयार नहीं है जिससे देश का कारोबारी बेहाल है और सरकार मालामाल है। उन्होंने कहा कि देश की 7300 मंडियां, 13000 दाल मिले, 9600 चावल मिले तथा 30 लाख चक्कियों और तीन करोड़ खुदरा व्यापारी ने जीएसटी काउंसिंग की अनुशंसा की घोर निंदा की है। आटा, चावला, दाल जो आदमी की खाने की चीजे हैं, इन्हें भी जीएसटी में लाया गया है। 

यह देश के दिवंगत वित्तमंत्री अरूण जेटली द्वारा उस समय की गयी घोषणा तथा प्रधानमंत्री की भावना के विपरीत है। श्री टण्डन ने कहा कि केन्द्र सरकार की यह बात मान ले कि 80 करोड़ लोगों को सरकार मुफ्त अनाज वितरित करती है तो बाकि 60 करोड़ के लिए यह कर क्यों लगाया गया है? जिसमें मध्यम वर्ग की संख्या 55 करोड़ है। इससे महंगाई बढ़ेगी और गेंहू, दाल, चावल आदि साफ करने की मशीनों पर 5 से 18 प्रतिशत जीएसटी कर दिया गया है। यह बिल्कुल अव्यवहारिक है। 

बैठक में उ.प्र. सरकार से मंडी शुल्क समाप्त करने, वैट के पुराने बकायादारों के लिए ब्याजमाफी योजना लागू करने तथा खाद्य सुरक्षा नियमावली में सुधार करने की भी मांग के साथ-साथ ऑन लाइन व्यापार पर ठोस रणनीति बनाने, नगर निगम व नगर पालिका के सम्पत्ति करों की बेहताशा वृद्धि को वापिस लेने तथा अतिक्रमण अभियान नजुल व प्राधिकरण के बढ़े हुए किराये पर पुनः समीक्षा की प्रदेश सरकार से मांग की गयी। उन्होंने कहा कि प्रदेश व्यापार मंडल के 50 वर्ष पूरे होने पर स्वर्णजयंती कार्यक्रमों के अंतर्गत प्रदेश के सभी जनपदों में भव्य कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।

 प्रांतीय कार्य समिति की बैठक में प्रमुख रूप से जनपद सहारनपुर जिलाध्यक्ष शीतल टण्डन, जिला महामंत्री रमेश अरोडा, जिला कोषाध्यक्ष राजीव अग्रवाल, पवन कुमार गोयल, रमेश डावर, कर्नल संजय मिडढा, दीपक राज सिंघल, अरूण गुप्ता, वरयाम खान, अर्जुन सिंघल, राकेश गाबा, सुधीर मित्तल, अरविंद सिंघल, सुधीर गोयल, मुकेश राणा, कुलदीप चौहान, नवीन चौधरी, अमित तायल, मनमोहन सिंह, शिवम सिंघल, सतवीर चौधरी, राकेश मित्तल आदि बड़ी संख्या में व्यापारी प्रतिनिधि शामिल हुए।