जमीनी विवाद को लेकर दो समुदायों के बीच हुई खूनी संघर्ष

बिलरियागंज/ आजमगढ़। स्थानीय थाना क्षेत्र में आज दिल मंगलवार को समय 10 बजे के करीब दो समुदायों के बीच में खूनी संघर्ष हो गया  बिलरियागंज थाना क्षेत्र की बिलरियागंज देहात में जमीनी विवाद को लेकर दो समुदाय के बीच में हुई मारपीट बिलरियागंज देहात निवासी कैलाश पुत्र लालचंद ने बताया कि गांव के ही तबरेज परवेज व बेलाल पुत्र गण हेरार अहमद के द्वारा आज दिन मंगलवार को पीड़ित के घर पर पहुंचकर गाली गलौज करते हुए कहा कि हमारी जमीन को खाली कर दो । जिस पर कैलाश के परिजनों ने कहा कि यह जमीन आपके पिताजी द्वारा हमारे पिताजी को 84 कड़ी इकरारनामा लिखे हैं तथा उसी समय कब्जा भी दिलवाए थे तबसे हम लोगों ने जमीन पर निवास करते हैं। 

पीड़ित ने बताया कि 3 वर्ष पहले  चंदा पत्नी कैलाश लक्ष्मीना पत्नी राकेश को 40 कड़ी जमीन दिए थे तथा ₹100000 लेकर उक्त व्यक्तियों द्वारा इकरार किया गया और 40 कड़ी जमीन पीड़ित पक्ष को दिया गया था जिसको लेकर आज दिन मंगलवार को समय 10 बजे के करीब उक्त आरोपियों ने अपने चार पांच साथियों के साथ एक राय होकर हाथ में लाठी डंडे व चाकू लेकर हमारे घर पर पहुच गए।

और गाली गलौज करते हुए दीवाल पर से ईट मंडई वोटिंग सेट को उखाड़ने लगे तभी पीड़ित व उसके परिवार के लोगों के मना करने पर पूरे परिवार को लाठी-डंडे व चाकू से मारने लगे । पीड़ित ने कहा कि उसी दौरान  मुझ पीड़ित पर चाकू से जानलेवा हमला किया। 

मारपीट में चंदा पत्नी कैलाश लक्ष्मीना पत्नी राकेश अंजलि पुत्री कैलाश व  संजय पुत्र  लालचंद को काफी गंभीर चोटे आई हैं शोरगुल सुनकर गांव के लोगों ने बीच-बचाव किया तथा जिसकी सूचना पीड़ित ने बिलरियागंज पुलिस को देकर न्याय की गुहार लगाई है। 

वही कैलाश पुत्र लालचंद के विरोधी परवेज अहमद ने बताया कि उक्त लोग हमारी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा किए हैं जिसको खाली करा कर चार दिवारी लगवाने के लिए गया तो लालचंद राम पुत्र अज्ञात व संजय कुमार वरुण कुमार व अन्य  ने मिलकर गाली देते हुए लाठी डंडे से मारपीट किया तथा हमारी गाड़ी मोटरसाइकिल तोड़ दिए तथा उन्होंने ग्राम प्रधान अरुण कुमार पर भी मारपीट का आरोप लगाया है। समाचार लिखे जाने तक अभी किसी पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था।