प्राथमिक विद्यालय की खबर कवरेज करने के दौरान प्रा इंचार्ज ने पत्रकारों से की अभद्रता।

ब्यूरो , सीतापुर : जनपद सीतापुर में विकासखंड पहला क्षेत्र में स्थित प्राथमिक विद्यालय नट सरैया में ग्रामीणों के द्वारा मीडिया को सूचना दी गई थी। कि उपरोक्त विद्यालय में अध्यापको के द्वारा विद्यालय में कुछ कमियां की जा रही है।  इस सम्बंध में जब मीडिया को सूचना प्राप्त हुई तो मीडिया कर्मियों ने प्राथमिक विद्यालय नट सरैया पहुंचे । जहां पर तैनात विद्यालय इंचार्ज / अध्यापक आकाश ने विद्यालय का कवरेज करने गए पत्रकारों से बड़े ही अभद्र तरीके से बातचीत की।

और मामला वहां कुछ ऐसा है कि वहां के  ग्राम प्रधान सहित अन्य संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के द्वारा  विद्यालय का कायाकल्प के नाम पर कुछ भी विकास कार्य नही किया गया। जिसकी सूचना गांव वालो ने मीडिया कर्मियों को दी। उपरोक्त मामले की जानकारी व वहां का हाल जानने पहुंचे मीडिया कर्मियों ने देखा कि  बच्चो को विद्यालय में स्थित कमरों के बाहर बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। और विद्यालय में कायाकल्प के नाम पर कुछ भी विकास कार्य नही हुआ है।

वही पत्रकारों ने अपना कवरेज करना शुरू ही किया था। तब तक विद्यालय में तैनात  इंचार्ज अध्यापक आकाश  ने मीडिया कर्मियों से कहा कि डीएम का लिखित आदेश दिखाओ और किसके आदेश से विद्यालय की वीडियो व खबर बनाने आये हो। और वही पर ऐसे ही कई सवाल किए है। जो कि उसमें कुछ सवाल अभद्रता पूर्वक किये गए। और इस सम्बंध में जब पत्रकारों द्वारा खण्ड शिक्षा अधिकारी से फोन के माध्यम से जानकारी की गई । और  वही के अध्यापक से बात  कराई गई ।

तो इंचार्ज अध्यापक आकाश ने बताया कि खण्ड शिक्षा अधिकारी ने कोई भी जानकारी देने से मना कर रखा है।और जब मेरा विद्यालय बंद हो जाए तो इसके बाद में आप अपना कवरेज कर लेना तथा अभी में आपको न तो फोटो खींचने दूगा और न ही वीडियो बनाने दूगा। और वही खण्ड शिक्षा अधिकारी ने पत्रकारो से बात करते हुए कहा है कि अब आप मुझे गुस्सा ना दिलाओ। और जबकि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि पत्रकार को खबर लिखने व खबर को कवरेज करने से कोई भी अधिकारी व कर्मचारी नही रोक सकता। 

फिर भी शिक्षा विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के द्वारा किया जा रहा है। और वही कुछ देर बाद अध्यापक से बातचीत के दौरान  पता चला कि विद्यालय के अंदर बच्चो के सामने मास्टर साहब बड़े ही अजीब शब्द का प्रयोग  करते हुए बात की।जिसमें मास्टर साहब सभी बातों में " साला" शब्द का प्रयोग करते रहे कि जैसे "साला" शब्द उनका तकिया कलाम हो। और जो अध्यापक बच्चो के सामने इस तरह के शब्दों का प्रयोग करें । तो आप उपरोक्त शब्दो से अंदाजा लगा सकते हैं कि उस विद्यालय के बच्चो का भविष्य क्या होगा।