बारिश के लिए अदा की गई नमाज, मांगी गुनाहों की माफी

सूखे की आशंका से लोग घबराए

 बिलरियागंज/आजमगढ़। जिले में सूखा पड़ने का अंदेशा देख मुस्लिम समाज के लोगों ने शनिवार को बारिश के लिए नमाज पढ़ी। मौलाना ताहिर मदनी ने बताया कि कुदरत को खुश करने के लिए नमाज पढ़ी गई है। जिसमें बारिश के लिए दुआ मांगी गई है। जिसमें नमाज का आयोजन बिलरियागंज कस्बा स्थित जामियअतुल फलाह के मैदान में किया गया। सैकड़ों की संख्या में लोगों ने नमाज पढ़ते हुए अच्छी बारिश के लिए दुआ मांगी। ताहिर मदनी ने बताया कि आषाढ़ के सूखा रहने और सावन में भी अब तक बारिश के आसार न दिखने से लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। जिसमें आजमगढ़ जिला जो खेती किसानी पर आधारित है। 

वहां बारिश के नाम पर अभी तक सिर्फ बूंदा-बंदी ही हुई है। जिले में नहरें-पोखरे और तालाब सब सूख चुके हैं। इस कारण जल संकट नजर आने लगा है। जिसको देख कर किसानों सहित आम आदमी घबराया हुआ है। अपने-अपने हिसाब से कुदरत को खुश करने की कोशिश में लगा है। जिसमें लोगों ने बताया कि एक पखवारे से आजमगढ़ जिले में बादलों की लुका छिपी का खेल तो चल रहा है लेकिन बरसात नहीं हो रही है। 

इस कारण फसलें सूखने लगी हैं तो वहीं धान की रोपाई अब तक नहीं हो सकी है। देश के कई हिस्सों में लोग बरसात से बेहाल हो चुके हैं तो वहीं आजमगढ़ में आसमान से आग बरस रही है। मानसूनी बरसात का नजारा अब तक आजमगढ़ जिले में नहीं देखने को मिला है। इस कारण जल संकट नजर आने लगा है। जिन लोगों ने ट्यूबवेल आदि से धान की रोपाई किसी तरह कर दी, उनकी फसल अब सूखने के कागार पर पहुंच गई है। जिसे लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शनिवार सुबह बिलरियागंज कस्बा के जामियअतुल फलाह के मैदान में विशेष नमाज पढ़ी।

जामिय अतुल फलाह के डायरेक्टर मौलाना ताहिर मदनी ने कहा कि रात हो या दिन लोग गर्मी से परेशान हैं। पूरा जिला सूखे की चपेट में आता जा रहा है। पशुओं के लिए हरा चारा भी नहीं मिल रहा है। बरसात के लिए ही विशेष नमाज के माध्यम से अल्लाह ताला से गुनाहों की मांफी मांगते हुए बरसात के लिए दुआ मांगी गई। मौलाना ताहिर मदनी ने कहा कि जब धरती पर पाप घड़ा बढ़ जाता है तो अल्लाह की तरफ से आजाब आता है। जिसके तहत बरसात रोक दी जाती है। मानवता समाप्त होने लगती है और मानव त्राहि-त्राहि करने लगते है। वर्तमान में बरसात नहीं हो रही है, जिसके चलते त्राहि-त्राहि मची है। 

पिछले एक सप्ताह से मौसम का मिजाज कुछ हल्का जरूर हुआ है लेकिन यह इतना नरम नहीं हुआ है कि लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिल सके। बीच में मौसम का अधिकतम पारा घटकर जो 35 डिग्री सेल्सियस पर आ गया था वह अब एक बार फिर से 37 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। मौके पर डाक्टर ओमैर अहमद, मोहम्मद साद, आसिफ, जावेद, तुफैल अहमद, आरिफ खान, शमशाद, आदि सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।