आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी लगाने से व्यापारियों में रोष

प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा

सहारनपुर । पिछले माह जीएसटी काउन्सिल द्वारा सभी प्रकार के अनब्रांडेड, प्रीपैक्स, प्रीलेविल अनाज, अरहर दाल, गेहॅू, चना, मुरमुरे, आर्गेनिक गुड, आटा जैसी आवश्यक उपयोग में आने वाली आवश्यक वस्तुओं पर 5 प्रतिशत कर मण्डी समिति मंे खड़े अनाजों पर फूड लाइसेंस की अनिवार्यता को वापिस लिये जाने एवं वेयर हाउस में रखे जाने वाले कृषि उत्पाद एवं रू0 1000 तक होटल के कमरों पर प्रस्तावित 12 प्रतिशत जी.एस.टी. व अस्पतालों पर 5000 से अधिक के बेड पर लगाये गए 5 प्रतिशत अतिरिक्त कर को वापिस लिए जाने की मांग को लेकर भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय प्रकाश जैन के आहवान पर आज देश व्यापी आंदोलन के अंतर्गत और उ.प्र.उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष व राष्ट्रीय महामंत्री मुकुन्द मिश्रा के निर्देश पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल केजिलाध्यक्ष व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शीतल टण्डन के नेतृत्व में जिला इकाई से जुडे़ प्रमुख पदाधिकारियों द्वारा देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक ज्ञापन प्रेषित किया गया। 

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप व्यापारी प्रतिनिधि कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए और प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी श्रीमती अर्चना द्विवेदी को सौंपा। 

ज्ञापन में इस बात का उल्लेख किया गया है कि पांच वर्ष पूर्व देश में जीएसटी लागू करते हुए स्वयं प्रधानमंत्री ने कहा था कि आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी नहीं लगायी जायेगी। जिस प्रकार से आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी बढाया जा रहा है, इससे देश के कारोबारियों व उपभोक्ताओं में रोष है, क्योंकि इससे महंगाई बढ़ेगी। प्रधानमंत्री से इस वृद्धि को वापिस लिए जाने की पूरजोर मांग की गयी है। अन्यथा देश भर के व्यापारियों द्वारा और बड़ा आंदोलन चलाया जायेगा। 

ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व जिलाध्यक्ष शीतल टण्डन, जिला महामंत्री रमेश अरोडा, जिला कोषाध्यक्ष राजीव अग्रवाल, पवन कुमार गोयल, मेजर एस.के.सूरी, अभिषेक भाटिया, संजय महेश्वरी, प्रवीन चांदना, संजीव सचदेवा,अशोक मलिक, अजय कुमार, भोपाल सिंह सैनी आदि व्यापारी प्रतिनिधि शामिल रहे।