सुबह हुई मां स्कूल जाना है

 सुबह हुई मां स्कूल जाना है

वहां पढ़ाई मुझको करनी है

मैडम अच्छी बात सिखाती

दोस्त मेरे वहां  साथ  पढ़ते


स्कूल की घंटी जब बजती

दौड़ कर सब प्रार्थना करते

प्रार्थना कर कक्षा में जाते

वहां पढ़ाई-लिखाई करते


पढ़ लिखकर बुद्धिमान बनेंगे

खेल खेलकर मजबूत बनेंगे

मात पिता और देश का हम

नाम रौशन करेंगे हम मां


गर्व से मां सर ऊंचा होगा

फक्र तुमको मुझपर होगा

मां मुझको स्कूल में जाना

नयी नयी बातें है सीखनी


स्वरचित एवं मौलिक रचना

  अनुराधा प्रियदर्शिनी

  प्रयागराज उत्तर प्रदेश