चीन में ग्राहकों के खाते सीज, विरोध में उतरे लोगो को रोकने के लिए तैनात किए गए टैंक

नई दिल्ली : हमारा पड़ोसी देश चीन गंभीर बैंकिंग संकट के दौर से गुजर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन में बैकों की हालत इतनी खराब हो गई है कि बैंकों ने ग्राहकों के खाते से पैसे निकालने पर रोक लगा दी है। बैंकों के इस फैसले के विरोध में चीन में हजारों लोग अब सड़कों पर उतर आए हैं। बीते अप्रैल महीने से ही वे प्रदर्शन कर रहे हैं। कई जगहों पर तो हिंसक प्रदर्शन भी शुरू हो गए हैं। हालात पर काबू करने के लिए सरकार को अब बैंकों के आस-पास टैंक तैनात करना पड़ा है।

इस संबंध में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। बताया जाता है कि यह वीडियो चीन के हेनान प्रांत का है। यहां कई टैंक कतार में खड़े दिखाई दे रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रशासन ने लोगों को बैंक के अंदर जाने देने से रोकने के लिए टैंक तैनात करने का आदेश दिया है।

चीन में बीते अप्रैल महीने में साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट में एक खबर प्रकाशित हुए थी। इस खबर में चीनी बैंकों में हुए घोटलों के बारे में बताया गया था। इस रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि 40 बिलियन युआन, यानी करीब (6 बिलियन अमेरिकी डॉलर) चीन के बैंकों से गायब हो गए हैं। खबरों के मुताबिक चीन के हेनान और अनहुई प्रांतों में बैंकों से निकासी पर भी रोक लगा दी गई थी। उस समय बैंकों ने कहा था कि वे अपने सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए ग्रहकों के खातों से निकासी पर रोक लगा रहे हैं। 

चीन में जारी इस बैंकिंग संकट से न्यू ओरिएंटल कंट्री बैंक ऑफ कैफेंग, जिचेंग हुआंगहुई कम्युनिटी बैंक, शांगकाई हुइमिन काउंटी बैंक और युजौ शिन मिन शेंग विलेज बैंक सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। लोग बैंकों से पैसा निकालने के लिए पिछले तीन तीन महीनों से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन प्रशासन उन्हें बैंक के भीतर नहीं घुसने दे रहा है।

वर्तमान समय में चीन की सड़कों टैंक चलने की तस्वीरें थियानमन स्क्वायर की याद दिला रही है। आपको बता दें कि 1989 में सरकार की नीतियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर लोगों ने थियानमन स्क्वायर पर प्रदर्शन किया था। उस समय चीन की सेना ने बलपूर्वक उस प्रदर्शन को कूचल दिया था। यूरोपियन देशों की मीडिया के अनुसार उस दौरान दस हजार चीनी नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।