लोक गीत

हम न जइबे अकेले बजरिया लोगवा लाइन मारे ना

सब के टीके मोह पे नजरिया लोगवा लाइन मारे ना

जब हम जाई बीच बजरिया लोग सभी है ताके

दुकानदार सब तौल माप के भूल के हमके नापे

भूले राह चलत डागरिया लोगवा लाइन मारे ना

एक जरा मुस्का दूँ मैं तो सौ सौ जान लुटाए

हमसे बात करे के खातिर झूठे बहाने बनाए

देख के पतली मोर कमरिया लोगवा लाइन मारे ना

देख के मुझको बोले बजाजवा ओर सुनरवा बोले

कपड़ा सोना चांदी चाही शबनम ले लो सब बेमोले

कहीं चल न जाई कटारिया लोगवा लाइन मारे ना

शबनम मेहरोत्रा