मण्डलायुक्त व डीआईजी अचानक पहुंचे तहसील सदर, सम्पूर्ण समाधान दिवस का किया निरीक्षण, आमजन से सुनीं उनकी समस्यायें

गलत पैमाइश से सम्बन्धित शिकायतों को गंभीरता से लें, जॉंच करायें, शिकायत सही मिलने पर सम्बन्धित के विरुद्ध कार्यवाही करें: मण्डलायुक्त

आज़मगढ़ : मण्डलायुक्त विजय विश्वास पन्त तथा डीआईजी अखिलेश कुमार ने शनिवार को तहसील सदर में सम्पूर्ण समाधान दिवस का औचक निरीक्षण किया। इस अवसर पर अधिकारीद्वय ने उपस्थित आमजन से उनकी समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को समबद्ध रूप से निस्तारित किये जाने हेतु निर्देशित किया। सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर राजस्व के 122, पुलिस के 24 एवं अन्य विभागों के 17 कुल 163 शिकायती प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुए जिसमें से मौके पर 17 मामलों निस्तारण किया गया, निस्तारित सभी प्रकरण राजस्व विभाग से सम्बन्धित थे।

 उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का निस्तारण गुणवत्तायुक्त होना चाहिए ताकि शिकायतकर्ताओं को एक ही शिकायत के सम्बन्ध में बार-बार भाग दौड़ न करनी पड़े। सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर कुल 12 अधिकारियों को अनुपस्थित पाये जाने पर असन्तोष व्यक्त करते हुए मण्डलायुक्त ने उनका एक दिन का वेतन रोके जाने तथा स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। अनुपस्थित अधिकारियों में उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी, बीडीओ पल्हनी व रानी सराय, एसओ तहबरपुर, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), सहायक वन संरक्षक तथा चकबन्दी अधिकारी सदर, फूलपुर, जहानागंज, सठियॉंव एवं सगड़ी सम्मिलित हैं।

मण्डलायुक्त विजय विश्वास पन्त के समक्ष ग्राम पटखौली निवासी लगभग 80 वर्षीय प्रभावती देवी नामक एक वृद्ध महिला ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करते हुए अवगत कराया कि उनके ससुर द्वारा 560 कड़ी जमीन सरस्वती शिक्षा परिषद पटखौली को दान में दी गयी थी। लगभग 300 कड़ी बची जमीन को कोरोनाकाल में बिना किसी आदेश के लेखपाल द्वारा पैमाइश कर उसपर अतिक्रमण करा दिया गया। उक्त वृद्ध महिला द्वारा यह भी कहा कि इस सम्बन्ध में एसडीएम, जन सुनवाई पोर्टल एवं अन्य स्तरों पर शिकायत की गयी, परन्तु लेखपाल द्वारा आख्या में उलटफेर कर दिया जाता है। 

मण्डलायुक्त श्री पन्त ने इस सम्बन्ध में उपजिलाधिकारी को निर्देशित किया कि राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम भेजकर पुनः पैमाइश करायें तथा शिकायती प्रार्थना पत्र में उल्लिखित तथ्यों की जॉंच करायें, यदि शिकायत पाई जाती है तो दोषी के विरुद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें। इसके साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जन सुनवाई के दौरान प्रायः इस प्रकार की शिकायतें प्राप्त होती रहती हैं, इसलिए गलत पैमाइश से सम्बन्धित शिकायतों को पूरी गंभीरता से लिया जाये, उसकी सम्यक जॉंच कराई जाय तथा अनियमितता पाये जाने पर सम्बन्धित का उत्तरदायित्व निर्धारित उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाय। 

इसके आलवा मण्डलायुक्त ने गत सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त प्रार्थना पत्रों के निस्तारण एवं आईजीआरएस पोर्टल पर लम्बित एवं निस्तारित संदर्भों का विवरण उपलब्ध कराये जाने हेतु निर्देशित किया। डीआईजी अखिलेश कुमार ने पुलिस सम्बन्धित मामलों की सुनवाई की तथा सम्बन्धित थाना प्रभारियों को शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किये जाने का निर्देश दिया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी जेआर चौधरी, पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ तोमर, तहसीलदार सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।