जिलाधिकारी ने उच्च व प्राथमिक विद्यालय,आंगनबाड़ी केन्द्र, ब्लाक व पीएचसी,गौशाला का किया निरीक्षण।

सरवनखेड़ा कानपुर देहात। ब्लाक सरवनखेड़ा में पत्रावली अपडेट न मिलने पर जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारी को  फटकार लगाई। वहीं गौशाला में जलभराव मिलने पर जिलाधिकारी ने सचिव पर नाराजगी जाहिर करते हुए निर्देश भी दिए। 

जिलाधिकारी नेहा जैन द्वारा सरवनखेड़ा ब्लॉक क्षेत्र अन्तर्गत विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया गया, इसमें सर्वप्रथम संविलियन उच्च व प्राथमिक विद्यालय एवं आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया, निरीक्षण के दौरान आंगनवाड़ी केंद्र में पंजीकृत 58 बच्चों में से 23 बच्चे उपस्थित मिले। इस पर जिलाधिकारी ने बच्चों की उपस्थिति शतप्रतिशत किए जाने के निर्देश उपस्थित आंगनबाड़ी सहायिका को दि दिए। आंगनबाड़ी केंद्र में सहायिका उपस्थित मिली जिसने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि यहां पर आंगनवाड़ी कार्यकत्री की नियुक्ति करीब 5 सालों से नहीं हुई है। इस पर जिलाधिकारी कहा कि आंनबाड़ी कार्यकत्री की नियुक्त हेतु शासन को पत्राचार किया जाये, वहीं जिलाधिकारी ने बच्चों से शिक्षा एवं स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। 

साथ ही जिलाधिकारी ने उपस्थित आंगनवाड़ी सहायिका को बच्चों हेतु उपलब्ध कराए गए पुस्तकों से पठन-पाठन कराए जाने के निर्देश दिए, तथा बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण हेतु समय से कराने के निर्देश दिए इसके पश्चात जिलाधिकारी ने उच्च प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरान उपस्थित छात्र छात्राओं से के संबंध में पढ़ाई के संबंध में जानकारी ली जिस पर बच्चों द्वारा बताए गए प्रश्नों का सही जवाब देने पर जिलाधिकारी ने प्रसन्नता जाहिर की एवं सभी शिक्षकों एवं प्रधानाचार्य को विद्यालय में पंखा खराब होने पर जिलाधिकारी ने पंखा दुरस्त करने के निर्देश दिए। 

इसके पश्चात जिलाधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरवनखेड़ा का निरीक्षण किया, निरीक्षण के दौरान उन्होंने सर्वप्रथम प्रसव कक्ष का भ्रमण किया, जहां पर उपस्थित चिकित्सक द्वारा बताया गया कि यहां पर प्रतिदिन करीब दो डिलीवरी होती, इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि यहां पर अपने वाली गर्भवती महिलाओं की सही प्रकार से जांच की जाये तथा उनको सम्पूर्ण सुविधाये दी जाये तथा शासन द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का लाभ भी दिया जाये। 

इसके पश्चात उन्होंने जननी सुरक्षा कक्ष, शुद्ध पेयजल, प्रयोगशाला, पुरूष वार्ड, औषधि वितरण कक्ष, ओपीडी, इमरजेंसी वार्ड, नेत्र परीक्षण कक्ष, डाट्स सेन्टर, कोविड टीकाकरण कक्ष आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों का सही प्रकार से इलाज किया जाये। उन्हें किसी प्रकार की कोई समस्या न होने पाये, अस्पताल में साफ सफाई आदि पर विशेष ध्यान दिया जाये तथा सम्पूर्ण व्यवस्था दुरस्त रखे। 

इसके पश्चात जिलाधिकारी ने विकास खण्ड कार्यालय सरवनखेड़ा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सहायक लेखाकार द्वारा ग्राण्ड रजिस्टर पत्रावली अपडेट न मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सम्पूर्ण पत्रावलियों को अपडेट करने के निर्देश दिये। इसके पश्चात जिलाधिकारी ने उपस्थित खण्ड विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि कार्यालय को सुव्यवस्थित ढ़ंग से संचालित करे, जो कमियां है उनको तत्काल दुरस्त कराये। वहीं उन्होंने जय मॉ दुर्गे महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित किये जा रहे प्रेरणा कैन्टीन का निरीक्षण किया। व्यवस्था ठीक न मिलने पर खण्ड विकास अधिकारी को प्रेरणा कैन्टीन को सही प्रकार से संचालित करने के निर्देश दिये।

 वहीं जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना के तहत पेयजल की जांच हेतु महिलाओं को दिये गये प्रशिक्षण की जानकारी उपस्थित महिलाओं से ली तथा कहा कि अच्छे से प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाओं को जागरूक करें। वहीं जिलाधिकारी ने सरवनखेड़ा ब्लाक क्षेत्र में संचालित बिलसरायां गौशाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 134 गौवंश मिले, जिनमें 2 बीमार पायी गयी, वहीं जिलाधिकारी को गौशाला में जल भराव पाये जाने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की तथा कहा कि जल निकासी हेतु उचित प्रबन्ध किया जाये तथा गौवंशों को हरा चारा, पानी, चोकर आदि समय से दिया जाये।इस मौके पर सीएमओ डा0 एके सिंह, खण्ड विकास अधिकारी सरवनखेड़ा आदि उपस्थित रहे।