समझ लो बुढ़ापा आ गया है

हाथ में कुछ था जो खो गया इसका 

पछतावा, हो समझ लो बुढ़ापा आ गया है 

निरंतर इस बात का एहसास मेरी किसी को 

ज़रूरत नहीं समझ लो बुढ़ापा आ गया है 

 

देखने सूंघने सुनने की शक्तियां 

साथ छोड़ने लगती है परंतु इससे जुड़ी 

हर अभिलाषा पहले से अधिक बलवती 

होते चले जाना समझ लो बुढ़ापा आ गया हैं 


हाथ में पैसे नहीं अपने शौक छोड़ें 

समझना बुढ़ापा आ गया है 

औलादों नें बेसहारा छोड़ दिया है 

समझना बुढ़ापा आ गया है 


उम्र के साथ शक्ति और सामर्थ्य में कमी 

परिवार के व्यवहार और आचरण के प्रति 

शिकायत का रुख आना 

समझो बुढ़ापा आ गया है 


-लेखक - कर विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार कानूनी लेखक चिंतक कवि एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र