प्यार में उनके यूं ,अश्क न बहाया करो

प्यार में उनके यूं ,अश्क न बहाया करो

सरे आम प्यार को ,तमाशा न बनाया करो।


खुद को सताना, तो सही नही 

दर्द सीने में छुपा ,खुद को सताया न करो।।


प्यार में उनके ,इस कदर चोट खाए हैं 

ज़ख्मों पर प्यार का ,मरहम लगाया करो।


प्यार तो प्यार, रंग लाएगा इक दिन

मौहब्बत उन्हें हमसे हुई ,यह राज बताया करो।


मुस्कुराहट तेरी  यूं, चेहरे पर आएगी

नाज़ुक दिल है तुम्हारा, दिल लगाया करो।


हुस्न ए दीदार मिलता है, सब को कहाँ

बनकर सितमगर हमें, बेवक्त न नचाया करो।।


                रचनाकार ✍️

                मधु अरोरा