मोहन भागवत के बयान पर शफीकुर्रहमान ने किया पलटवार, कहा- मोहब्बत और नफरत केवल इंसान समझ सकता है, जानवर नहीं

संभल : जनसंख्या को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के द्वारा जानवरों के द्वारा भी बच्चे पैदा करने और जंगल का भी अपने कानून होने पर सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने आर एस एस प्रमुख के इस बयान को पूरी तरह गलत बताया है। सपा सांसद बर्क ने कहा कि यह बात बिल्कुल अनहोनी सी महसूस हो रही है कि जानवर और इंसान का मुकाबला किया जा रहा है क्योंकि जानवरों की जिंदगी कुछ और है और इंसानों की जिंदगी को और। अल्लाह ने सबसे ऊपर इंसान को बनाया है और इंसानी जिंदगी का अपना कल्चर है, लेकिन जानवरों का कोई कल्चर नहीं है। 

जानवरों को अच्छे और बुरे की कोई समझ नहीं होती और ना ही वह कोई फैसला कर सकते हैं जबकि इंसान अच्छे और बुरे में बर्क समझता है। मोहब्बत करने का और नफरत करने का तरीका समझने के लिए अल्लाह ने इंसान को अक्ल भी दी है, लेकिन जानवरों को नहीं दी है। इसलिए जानवरों का इंसान से मुकाबला कैसे किया जा सकता है। इसलिए समझ से बाहर है कि बच्चों की पैदाइश के मामले में क्या अब जानवर और इंसान को बराबर करना चाहते हैं।

 इन सभी बयानों के पीछे जल्दी जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने की तैयारी के सवाल पर सपा सांसद ने कहा कि इन सभी के पीछे पूरी तरह से सियासत है और और इस तरह की सियासी बातों से मौजूदा हालातों से ध्यान हटाना चाहते हैं क्योंकि इस समय हालात इतने खराब है कि लोग भूखे मर रहे हैं,बेरोजगारी छाई है महंगाई आसमान पर है और सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है उन सभी से तवज्जो हटाने के लिए इस तरह की बातें लेकर आ रहे हैं।