पाकिस्तान में एक और नया संकट, ईंधन की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी, सरकार ने टेके घुटने


नकदी की समस्या से पहले से ही जूझ रहे हमारे पड़ोसी पाकिस्तान पर एक नया संकट आ गया है। पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पाकिस्तान सरकार की ओर से जारी एक किए गये एक बयान के अनुसार सरकार ने पाकिस्तान में पेट्रोल पर 10 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल, किरासन तेल, और हल्के डीजल पर 5 रुपये प्रति लीटर की दर से पेट्रोलियम लेवी लगाने का फैसला किया है।  सरकार के इस फैसले के बाद पाकिस्तान में ईंधन और पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में तेजी से इजाफा हुआ है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान में सरकार के इस फैसले के बाद पेट्रोल की कीमत में 14.85 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। वहां अब पेट्रोल 248.74 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहां हाई स्पीड डीजल की कीमतों में 13.23 रुपये और मिट्टी के तेल में 18.83 रुपये प्रति लीटर की बढोतरी हुई है। पाकिस्तान में अब हाईस्पीड डीजल 276.54 रुपये प्रति लीटर तो मिट्टी का तेल 230.26 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। 

इस बीच पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ता इस्माइल ने भी इस्लामाबाद में ताजा हालात के सामने घुटने टेकते हुए कहा हे कि सरकार अब पेट्रोलियम पदार्थों की सब्सिडी का खर्च उठाने की स्थिति में नहीं है। इसलिए अब देश के लोगों को महंगी कीमतों पर ही पेट्रोल, डीजल और किरासन खरीदना होगा।

पाकिस्तान की वर्तमान शहबाज शरीफ सरकार ने अपने चार महीने के कार्यकाल में चार बार ईंधन की दरों में बढ़ोतरी की है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान सरकार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से अपने रुपके हुए छह अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज को हासिल करने के लिए यह कवायद कर रहा है। दरअसल, आईएमएफ ने पाकिस्तान सरकार के सामने शर्त रखी है कि अगर उसे बेलआउट पैकेज चाहिए तो उसे पेट्रोलियम पदार्थों दिये जाने वाली सब्सिडी को हटाकर उन पर लेवी लगाने जैसे सख्त कदम उठाने होंगे। अंदेशा जतायी जा रहा है कि आने वाले दिनों में पाकिस्तान में बिजली की दरों में भी इजाफा हो सकता है, क्योंकि आईएमएफ की ओर से पाकिस्तान सरकार के सामने बिजली की दरों को भी बढ़ाने की शर्त रखी गई है। 

बीते कुछ समय में चाहे वह पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की सरकार हो या वर्तमान की शहबाज शरीफ की सरकार दोनों के ही कार्यकाल महंगाई पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। नजीजतन, जरूरी चीजों की कीमतें इस हद तक बढ गई है कि आम लोगों के लिए उन्हें खरीदना दूभर हो गया है। वहीं, पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ हालत को संभालने की बजाय महंगाई का सारा ठीकरा पूर्व पीएम इमरान खान पर फोड़ते हैं। उनका कहना है कि देश को दिवालिया होने से बचाने के लिए ना चाहते हुए भी उन्हें कुछ जरूरी चीजों की कीमतों को बढ़ाने का फैसला लेना पड़ा है।