हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से जगह-जगह भूस्खलन, मंडी में भूकंप, उफनते नाले में फंसी गांड़ियां

शिमला : हिमाचल प्रदेश में गुरुवार को जारी ऑरेंज अलर्ट के बीच भारी बारिश से प्रदेश में काफी नुकसान हुआ है। जगह-जगह हुए भूस्खलन से प्रदेशभर में 57 सड़कें अवरुद्ध हैं। 61 बिजली टांसफार्मर ठप और 20 पेयजल योजनाएं प्रभावित चल रही हैं। मंडी जिला के कलोट क्षेत्र में गुरुवार सुबह 7:28 बजे भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.9 मापी गई।

 भूकंप का केंद्र राजधानी शिमला से करीब 80 किलोमीटर दूर मंडी के उत्तर-पश्चिम में कलोट क्षेत्र के पास 31.69 उत्तर अक्षांश और 78.90 पूर्व देशांतर पर स्थित था। भूकंप से किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। शिमला जिले में कोटखाई तहसील के तहत देवगढ़ पंचायत के बाग कुफर में जमीन धंसने से एचआरटीसी की बस (एचपी 03 बी 6053) दुर्घटनाग्रस्त हुई है। हादसे में करीब 14 लोग घायल हुए हैं। घायलों को हल्की चोटें आई हैं। किसी प्रकार के जानी नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

बस जराई से शिमला की ओर जा रही थी। दुर्घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों ने बचाव और राहत कार्य शुरू किया है। प्रदेश में नदी नाले-उफान पर हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को नदी -नालों के किनारे न जाने की हिदायत दी है। कुल्लू जिले में बारिश से कई जगहों पर बाढ़ आने से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। भुंतर-मणिकर्ण के समोड नाला में बाढ़ आने से कुल्लू-भुंतर-मणिकर्ण मार्ग बंद हो गया है। नाले का पूरा मलबा सड़क पर आ गया है और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी रही जिसमें पर्यटक भी फंसे रहे। 

वहीं कटागला को जोड़ने वाली सड़क में जै नाला के जलस्तर के बीचोबीच एक पर्यटक वाहन फंस गया। मौसम की मार से जिला में दर्जनभर सड़कों पर यातायात अवरूद्ध हो गया है। वहीं नदी नाले भी उफान पर है।

सिरमौर जिले में कुमारहट्टी-नाहन नेशनल हाईवे 907ए पिछले चार घंटे से नैनाटिक्कर के पास बंद है। भारी भूस्खलन से बंद हुए एनएच के दोनों ओर लंबा जाम लगा है। सोलन-मीनस सड़क कंडानाला के पास रात को बंद हो गई थी। इसे खोलने के लिए जेसीबी मशीन लगाई गई है। चंबा जिले में भरमौर-पठानकोट हाईवे सहित जिले के दस सड़क मार्गों पर भूस्खलन हुआ है। अधिशाषी अभियंता संजीव महाजन  ने बताया कि आधे घंटे में हाईवे बहाल कर दिया गया।