कालपी स्टेशन पर सुपरफास्ट ट्रेनों का नहीं होता ठहराव

परेशान यात्रियों ने उठाई मांग, कहा- एक्सप्रेस ट्रेनों को दिया जाए स्टॉपेज

उरई/जालौन। प्राचीन एवं ऐतिहासिक नगर कालपी के रेलवे स्टेशन पर लंबी दूरी की सुपरफास्ट व एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं होता है। इससे यहां के यात्रियों को लंबी दूरी की ट्रेनों को पकड़ने के लिए बड़े स्टेशनों तक जाना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने तत्कालीन केंद्रीय राज्यमंत्री से मिलकर पुष्पक, एलटीटी व अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग उठाई थी, लेकिन अभी तक ध्यान नहीं दिया गया। 

कानपुर-मुंबई रेलमार्ग स्थित ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन कालपी से साप्ताहिक व रोजाना लगभग 30 एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनें गुजरती हैं। इन ट्रेनों का ठहराव कालपी में नहीं होता हैं। केवल कुशीनगर एक्सप्रेस स्टेशन पर ट्रेन रुकती हैं। जबकि कानपुर देहात के पुखरायां रेलवे स्टेशन पर कई सुपरफास्ट व एक्सप्रेस ट्रेनें रुकती हैं। इसके कारण कालपी रेलवे स्टेशन से पुखरायां रेलवे स्टेशन की आमदनी लगभग चार गुनी है। पुखरायां स्टेशन की आमदनी माह में लगभग 45 लाख रुपये की है, जबकि कालपी की प्रतिमाह की आमदनी अधिकतम 10 लाख रुपये है।

 नगर के पदमकांत पुरवार, रवींद्र पुरवार, शरद तिवारी, राकेश ने बताया, सुपरफास्ट व एक्सप्रेस ट्रेनों के कालपी स्टेशन ठहराव न होने के कारण हम लोगों को पुखरायां कानपुर या फिर उरई स्टेशन जाकर ट्रेनें पकड़नी पड़ती हैं। कहा कि इससे समय व पैसा दोनों बर्बाद होता है। 

स्थानीय जनता ने केंद्रीय राज्यमंत्री भानु प्रताप वर्मा से सुपरफास्ट व एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव के लिए लोगों ने ज्ञापन दिया था, लेकिन अभी तक परिणाम सामने नहीं आया। स्टेशन मास्टर नरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया, कालपी रेलवे स्टेशन की आमदनी औसतन लगभग 10 लाख रुपये है। अगर सभी ट्रेनें ठहरने लगें तो आय बढ़ जाएगी। ये स्टेशन वार्षिक आय एक करोड़ रुपये से अधिक का देता है।