गजल

मुहब्बत की बातों का मजा लीजिए

नहीं कटती रातों का मजा लीजिए

कयासों में महबूब के साथ चलना

ऐसी मुलाकातों का मजा लीजिए

हथेली दबा देना जरा जोर उनके

मिला करके हाथों का मजा लीजिए

सियासत के यारों राहें अलग है

बनावट के बातों का मजा लीजिए

यही मान लो शबनम धोखा मिलेगा

अकेले ही घातों का मजा लीजिए

शबनम मेहरोत्रा