इंग्लैंड के खिलाफ बेहतर स्थिति में पहुंचने के लिए इंडिया टीम को करनी होगी मेहनत

बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेले जा रहे पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के आखिरी मुकाबले में टीम इंडिया अच्छी स्थिति में तो है, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ बेहतर स्थिति में पहुंचने के लिए टीम को थोड़ी और मेहनत करनी होगी। एजबेस्टन टेस्ट मैच के तीन दिन का खेल समाप्त हो गया है और टीम इंडिया ड्राइविंग सीट पर है। भले ही टीम इंडिया मेजबान इंग्लैंड के मुकाबले मैच में आगे हो, लेकिन चौथे दिन के खेल का पहला सत्र काफी मायने रखता है, जहां भारत को विकेट खोने से बचना होगा।  

भारतीय टीम को अगर सीरीज में जीत हासिल करनी है तो फिर चौथे दिन कम से कम दो सत्र या फिर 60 से 70 ओवर खेलने ही होंगे। मौजूदा समय में टीम इंडिया के पास 257 रनों की बढ़त है और दूसरी पारी में भारतीय टीम 45 ओवर में 3 विकेट खोकर 125 रन बना चुकी है। चेतेश्वर पुजारा 50 रन और ऋषभ पंत 30 रन बनाकर नाबाद लौटे हैं। पहली पारी के आधार पर टीम को 132 रनों की बढ़त मिली थी। अब अगर टीम को सीरीज जीतनी है तो चौथे दिन संभलकर बल्लेबाजी करनी होगी। 

अगर टीम इंडिया चौथे दिन 60-70 ओवर खेल लेती है तो आराम से 200-225 रन बना लेगी और ऋषभ पंत ने तेजी से रन बनाए तो ये आंकड़ा 250 के आसपास पहुंच सकता है। इस तरह बोर्ड पर 450 से 500 रन के आसपास होंगे और इन रनों के बचाव के लिए और इंग्लैंड को ऑलआउट करने के लिए टीम इंडिया के पास पर्याप्त मौका होगा, क्योंकि अगर चौथे दिन इंग्लैंड की टीम 20 ओवर खेलती है और अगले दिन 90 ओवरों का खेल होता है तो 110 ओवरों में चौथी पारी में भारत मेजबान टीम को धराशायी कर सकता है। 

भारतीय टीम को ये याद रहना चाहिए कि अगर इंग्लैंड की टीम को 400 से कम रन चेज करने पड़े तो बेन स्टोक्स की टीम इससे पीछे नहीं हटेगी। इंग्लैंड ने हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ इसी तरह के दो मैच जीते हैं। ऐसे में हर हाल में टीम इंडिया को मैच जीतने या ड्रॉ कराने के लिए बोर्ड पर कम से कम सवा 400 रन बनाने होंगे। इसके अलावा बारिश भी एक फैक्टर रहेगा और इस वजह से जल्दी विकेट भी निकालने होंगे। इस सीरीज में भारत 4 मैचों के बाद 2-1 से आगे है। ये मैच ड्रॉ होने पर भी भारत सीरीज का विजेता होगा।