पेट्रोल-डीजल और ATF के एक्सपोर्ट पर बढ़े टैक्स

नई दिल्ली : केंद्र की मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल और ATF के एक्सपोर्ट पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान किया है। सरकार ने पेट्रोल और एटीएफ पर 6 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी में बढ़ाई है। वहीं, डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर तक एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई गई है। इसके अलावा सरकार ने घरेलू कच्चे तेल पर 23,230 रुपये प्रति टन टैक्स भी लगाने का ऐलान किया है।

एक्सपोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी की घोषणा के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL), तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई। आरआईएल के शेयरों में 5% से अधिक की गिरावट आई, जो लगभग 18 महीनों में इसकी सबसे बड़ी गिरावट है। बता दें कि मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली आरआईएल की जामनगर रिफाइनरी से ईंधन दुनिया भर के कई देशों में निर्यात किया जाता है। रिलायंस के राजस्व का लगभग 60% तेल-शोधन और पेट्रोकेमिकल्स से आता है। वहीं, ओएनजीसी के शेयरों में 10% की गिरावट आई। ओएनजीसी भारत की सबसे बड़ी कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस कंपनी है। यह भारतीय घरेलू उत्पादन में लगभग 71% का योगदान करती है।

बता दें कि सरकार के इस फैसले का असर घेरलू पेट्रोल-डीजल के रेट पर नहीं पड़ने वाला है। सरकार के मुताबिक, इस फैसले से देश में फ्यूल के दाम पर कोई असर नहीं पड़ेगा बल्कि इन चीजों की उपलब्धता बनी रहेगी। घरेलू पेट्रोल और डीजल की कीमतें मई के बाद से स्थिर हैं जब से  सरकार ने कीमतों में कटौती की घोषणा की थी। 21 मई, 2022 को पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में 8 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 6 रुपये प्रति लीटर की कटौती की घोषणा के बाद से ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू ईंधन की कीमतें कम रहने की संभावना है। सरकार ने आज जो एक्सपोर्ट पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान किया है इससे पेट्रोल डीजल की घरेलू कीमतों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।