IND vs ENG Playing-11: इंग्लैंड के खिलाफ भारत का रिकॉर्ड शानदार, ये हो सकती है प्लेइंग-11

भारत और इंग्लैंड के बीच गुरुवार से तीन मैचों की टी-20 सीरीज की शुरुआत हो रही है। पहला मैच साउथैम्पटन में भारतीय समय अनुसार रात 10.30 पर शुरू होगा। एजबेस्टन टेस्ट में हार के बाद टीम इंडिया टी-20 में सकारात्मक शुरुआत करना चाहेगी। नियमित कप्तान रोहित शर्मा की वापसी से टीम इंडिया मजबूत हुई है।

हालांकि, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह, रविंद्र जडेजा, श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत समेत इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट टीम में शामिल रहे क्रिकेटर दूसरे टी-20 मैच से टीम के साथ जुड़ेंगे। पहले टी-20 में ज्यादातर खिलाड़ी वह हैं जो आयरलैंड दौरे पर टीम इंडिया में थे। ऐसे में रोहित शर्मा के सामने सही प्लेइंग-11 चुनने की चुनौती होगी।

तीन मैचों की टी-20 सीरीज, टीम इंडिया के लिए टेस्ट मैच में मिली हार से खोए आत्मविश्वास को वापस पाने का मौका तो होगी ही साथ में यह सीरीज उसके लिए प्रयोग की राह को छोड़कर विश्व कप के लिए अपनी सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग-11 को अंतिम रूप देने वाली भी होगी।

कई सीनियर खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में ऋतुराज गायकवाड़ और संजू सैमसन जैसे खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 विश्व कप की टीम के लिए अपने साबित करने का एक और मौका मिलेगा।

भारतीय टीम ने अब तक इंग्लैंड से दो या उससे अधिक मैचों की चार टी-20 सीरीज खेली है। इसमें से टीम इंडिया को एक भी सीरीज में हार नहीं मिली है। तीन में उसे जीत और एक सीरीज बराबर छूटी है। भारत ने इंग्लैंड से पिछले छह सालों में तीन टी-20 सीरीज खेली हैं, जिसमें उसे सभी में जीत हासिल हुई है।

चोट के कारण गायकवाड़ आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की सीरीज में ईशान किशन के साथ पारी की शुरुआत नहीं कर पाए थे। अगर रोहित की वापसी होती है तो उन्हें एक बार फिर बाहर बैठना पड़ सकता है। ईशान को जो मौके मिले हैं उसमें उन्होंने प्रभावित किया है। वह इंग्लैंड की मजबूत टीम के खिलाफ अच्छी पारियां खेलकर टीम के रिजर्व सलामी बल्लेबाज के रूप में अपना दावा मजबूत करने का प्रयास करेंगे।

दूसरे मैच से कोहली तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरेंगे। ऐसे में दीपक हुड्डा के लिए गुरुवार का मैच अहम रहेगा। आयरलैंड के खिलाफ वह शतक और 47 रन की पारियां खेल कर हर किसी को प्रभावित कर चुके हैं। ऐसे में एक और मैच विजयी पारी खेलकर वह अपनी अहमियत साबित करने की कोशिश करेंगे।

डेब्यू का इंतजार कर रहे राहुल त्रिपाठी और अर्शदीप सिंह को दूसरे और तीसरे टी-20 के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया है, लेकिन उन्हें पहले मैच में खेलने का मौका मिलने की उम्मीद काफी कम है। चोट के बाद वापसी कर रहे सूर्यकुमार यादव आयरलैंड के खिलाफ लय हासिल नहीं कर सके। हालांकि, डर्बीशायर के खिलाफ अभ्यास मैच में हुड्डा और उन्होंने जरूर रन बनाए।

उमरान मलिक ने आयरलैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 में अंतिम ओवर में 17 रन का बचाव जरूर किया, लेकिन उन्हें अपनी गेंदबाजी को और सटीक बनाने की जरूरत है। अनुभवी भुवनेश्वर कुमार और हर्षल पटेल के खिलाफ आयरलैंड ने काफी रन बटोरे थे। इंग्लैंड जैसी टीम को रोकने के लिए उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। प्लेइंग-11 में युजवेंद्र चहल को रवि बिश्नोई पर वरीयता मिल सकती है।

भारत को आस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 विश्व कप से पहले लगभग 15 टी-20 मैच खेलने हैं। टीम मौजूदा सीरीज में तीन मैच के अलावा वेस्टइंडीज के खिलाफ 29 जुलाई से सात अगस्त तक पांच और अगस्त-सितंबर में एशिया कप में लगभग पांच मैच खेलेगी। सितंबर में भारत को आस्ट्रेलिया के खिलाफ भी टी-20 सीरीज खेलनी है। इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के साथ भारत विश्व कप के लिए अपनी सर्वश्रेष्ठ एकादश की पहचान की प्रक्रिया शुरू करेगा।

इंग्लैंड के लिए यह सीरीज जोस बटलर युग की शुरुआत होगी, जिन्हें ऑएन मोर्गन के संन्यास के बाद सफेद गेंद के प्रारूप में इंग्लैंड का कप्तान बनाया गया है। बेन स्टोक्स और भारत के खिलाफ पांचवें टेस्ट के नायक जॉनी बेयरस्टो को सीरीज से आराम दिया गया है।

इंग्लैंड के पास किसी भी टीम के गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने वाले पर्याप्त सक्षम बल्लेबाज हैं। बटलर और लियाम लिविंगस्टोन आईपीएल में शानदार फॉर्म में थे। दोनों अपनी इसी फॉर्म को आगे बढ़ाना चाहेंगे। भारत ने अंतिम टी-20 सीरीज इंग्लैंड के खिलाफ 3-2 से जीती थी। पांच मैचों की यह सीरीज 2020-21 भारत में हुई थी।

भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), ईशान किशन, संजू सैमसन, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या, दीपक हुड्डा, दिनेश कार्तिक, भुवनेश्वर कुमार, हर्षल पटेल, युजवेंद्र चहल, आवेश खान।

इंग्लैंड: जोस बटलर (कप्तान), जेसन रॉय, डेविड मलान, लियाम लिविंगस्टोन, मोइन अली, सैम करन, क्रिस जॉर्डन, डेविड विली, रीस टॉपली, टाइमल मिल्स, मैथ्यू पार्किंसन।