डॉलर के आंकड़े को पार कर गया रुपया, पहली बार 80 के पार पहुंचा

नई दिल्ली : रुपया मंगलवार को पहली बार 80 रुपये प्रति डॉलर के मनोवैज्ञानिक आंकड़े को पार कर गया है। रुपये में पिछले एक वर्ष के दौरान लगभग सात प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। मुद्रा मंगलवार को अपने पिछले कारोबारी दिन की तुलना में 79.9775 से गिरकर मंगलवार को शुरूआती बाजार में 80.0175 रुपये प्रति डॉलर पर ट्रेड कर रहा है। बाजार के जानकारों के अनुसार  रुपया मंगलवार को 79.85 से 80.15 के रेंज के बीच कारोबार कर सकता है। 

आपको बता दें कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने एक दिन पहले सोमवार को ही कहा था कि भारतीय रुपये की कीमतों में दिसंबर 2014 के बाद से अब तक अमेरिकी डॉलर की तुलना में 25 प्रतिशत तक की गिरावट आ चुकी है। 

वित्तमंत्री ने यह भी कहा था कि हाल के दिनों में रुपये की गिरावट का कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें और रूस व यूक्रेन के बीच बीते फरवरी महीने से चल रही लड़ाई है। 

वित्तमंत्री ने इस दौरान यह भी कहा है कि पिछले कुछ दिनों में भारतीय मुद्रा की तुलना में ब्रिटिश पाउंड, जापानी मुद्रा येन और यूरोपियन यूनियन की मुद्रा यूरो डॉलर के मुकाबले कहीं अधिक कमजोर हुई है। भारतीय मुद्रा इन देशों के मुद्रा की तुलना में मजबूत हुई है। 

बाजार के जानकारों के मुताबिक बीते कुछ महीनों में दुनियाभर के निवेशक यूरोपियन यूनियन के बाजारों में मंदी की आशंका के मद्देनजर अपेक्षाकृत सुरक्षित अमेरिकी बाजार में निवेश करने को तरजीह दे रहे हैं, यही कारण है कि डॉलर लगातार यूरोपियन यूनियन और एशियाई देशों की मुद्राओं की तुलना में मजबूत होता जा रहा है। अमेरिका में बढ़ रही लगातार महंगाई के कारण भी वहां के निवेशक बाहरी देशों से अपना निवेश घटा कर उसे घरेलू बाजार में डाल रहे हैं इससे डॉलर मजबूत होता जा रहा है।

बाजार के जानकारों के मुताबिक अभी कुछ दिनों तक रुपए पर थोड़ा दबाव बना रहेगा लेकिन देश के पास काफी अच्छा फॉरेक्स रिजर्व (575 मिलियन डॉलर) है जिसके बूते रिजर्व बैंक स्थिति को संभालने में सक्षम है। उम्मीद है जल्द ही RBI इस मामले में दखल देगा।

रुपया वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से कमजोर होता जा रहा है। ग्लोबल बाजार में साऊदी अरब के कच्चे तेल के उत्पादन में बढ़ोतरी के अपने वादे को पूरा करने में असफल रहने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में पांच प्रतिशत तक की उछाल देखी जा रही है।

इससे डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ किया गया वादा साऊदी अरब पूरा नहीं कर पा रहा है, इस कारण बाजार में क्रूड ऑयल महंगा होता जा रहा है। जैसे-जैसे क्रूड ऑयल महंगा होता जा रहा है डॉलर मजबूत हो रहा है और रुपया कमजोर।