अमरनाथ यात्रा में अलीगढ़ के 50 लोग फंसे

अलीगढ़ के श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा में लगाते हैं लंगर, टेंट में लोग परिजनों का कर रहे इंतजार

अलीगढ़। बाबा बर्फानी की पवित्र यात्रा में बादल फटने के बाद सैकड़ों श्रद्धालु फंसे हुए हैं। इसमें अलीगढ़ के भी लगभग 40-50 श्रद्धालु बताए जा रहे हैं, जो पवित्र गुफा से लेकर बीच रास्ते तक में सेना के टेंट या लंगर में रुके हुए हैं। अलीगढ़ से अमरनाथ यात्रा पर गए श्रद्धालुओं ने बताया कि कुछ लोग नीचे कैंपों में रुके हुए थे और कुछ लोग अपने निर्धारित शेड्यूल के अनुसार यात्रा शुरू कर चुके थे।

 इसी दौरान जब बादल फटा तो वहां प्रलय सी आ गई। जिसमें कई लोगों को अपनी जानें भी गंवानी पड़ी हैं। लेकिन इसमें अलीगढ़ के सभी यात्री अभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। बाबा बर्फानी की यात्रा में हर बार अलीगढ़ के श्रद्धालु भी यात्रियों के लिए लंगर की सेवा करते हैं। अलीगढ़ से श्री अमरनाथ शिव शक्ति सेवा मंडल की ओर से लंगर लगाया जाता है। संस्था के प्रधान अजय जलेसरिया ने बताया कि अलीगढ़ के 40-50 लोग ऊपर यात्रा में फंसे हुए हैं। वहीं लंगर के कैंप भी दर्जनों लोग रुके हुए हैं।

 जो अपनी यात्रा शुरू होने और यात्रा में फंसे लोगों का वापस लौटने का इंतजार कर रहे हैं। अजय ने बताया कि अभी यात्रा रुकी हुई है और किसी को भी ऊपर जाने नहीं दिया जा रहा है। सभी यात्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि जो लोग जहां पर भी हैं, वहीं रुके रहें। श्रीअमरनाथ शिव शक्ति सेवा मंडल के अध्यक्ष अजय जलेसरिया ने बताया कि अलीगढ़ के यात्रियों समेत पानी में फंसे अन्य यात्रायों को सेना बचा रही है। 

कई लोगों के घायल होने की भी सूचना है। उन्हें सेना पंचतरणी लेकर गई है, जहां उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि बालटाल पर उनके लंगर का बेस कैंप है। कैंप में भी अलीगढ़ समेत देश के विभिन्न इलाकों से आए हुए लोग रुके हैं। सभी अपने परिजनों से लगातार फोन से बात कर रहे हैं। लेकिन इस दौरान नेटवर्क की काफी समस्याएं आ रही हैं। जिसके कारण लोग परेशान हो रही हैं। 

अलीगढ़ के भंडारे में शनिवार सुबह एक 15 साल का बालक पहुंचा है। यह बालक अपने परिवार के साथ यात्रा पर आया था और जब पानी आया तो यह अपने परिवार से अलग हो गया। भंडारे के टेंट में उसे रुकाया गया है। उसने बताया कि वह हैदराबाद से अपने परिवार के साथ यात्रा करने आया है। वह घोड़े से यात्रा कर रहा था। जब पानी आया तो घोड़े वाला उसे छोड़कर भाग गया। वह अपने परिवार से भी बिछड़ गया। जिसके बाद वहां एक टेंट में रुका, जहां उसे खाने पीने को दिया गया। इसके बाद वह नीचे आया है, जहां अपने परिवार का इंतजार कर रहा है।