IND vs SA: दिनेश कार्तिक को लेकर गौतम गंभीर से भिड़े सुनील गावस्कर

भारत के पूर्व ओपनर गौतम गंभीर ने तीन मैचों में दिनेश कार्तिक के प्रदर्शन को देखकर कहा था कि उन्हें टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम में नहीं रखा जाना चाहिए। गंभीर ने कहा था कि, ''कार्तिक के लिए प्लेइंग इलेवन (टी20 वर्ल्ड कप के लिए) में जगह नहीं है तो उन्हें टीम में रखने का कोई मतलब नहीं है।'' इस पर भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने असहमति जताई है।

गावस्कर ने कहा कि कार्तिक वह आदमी हो सकते हैं जिसकी टीम इंडिया को तलाश है। उन्होंने गंभीर का नाम नहीं लिया, लेकिन निशाना उसी ओर था। गावस्कर ने ब्रॉडकास्टर से मैच के बाद शो में कहा, “मैं जानता हूं कि लोग इस बारे में बात कर रहे हैं कि जब वह खेलेंगे नहीं तो आप उन्हें टीम में कैसे शामिल कर सकते हैं? आप कैसे कह सकते हैं कि वह खेलने में सक्षम नहीं होंगे? आप खिलाड़ी का चयन फॉर्म को देखकर करते हैं न कि प्रतिष्ठा और नाम देखकर।”

कार्तिक ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चौथे टी20 में 27 गेंदों पर 55 रन की तूफानी पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में नौ चौके और दो छक्के लगाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 203.70 का रहा। कार्तिक 16 साल से टी-20 खेल रहे हैं। इन 16 सालों में उन्होंने 36 टी-20 खेले हैं, लेकिन यह कार्तिक का पहला अर्धशतक रहा। इससे पहले कार्तिक का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 31 रन का था, जो उन्होंने 2006 में बनाए थे। यह भारत का पहला टी-20 मैच भी था।

भारत ने पांच मैचों की सीरीज के चौथे टी-20 में दक्षिण अफ्रीका को 82 रन से करारी शिकस्त दी है। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में छह विकेट गंवाकर 169 रन बनाए। जवाब में दक्षिण अफ्रीकी टीम 16.5 ओवर में नौ विकेट गंवाकर 87 रन ही बना सकी। 

गावस्कर ने कहा कि कार्तिक की उम्र किसी को नहीं देखनी चाहिए। उन्हें यह देखना चाहिए कि कार्तिक किस तरह कठिन परिस्थितियों में बेहतरीन स्ट्राइक रेट से रन बना रहे हैं। उन्होंने कहा, ''कार्तिक को निचले क्रम में ज्यादा मौके नहीं मिलते। उन्हें छठे या सातवें क्रम पर बल्लेबाजी का मौका मिलता है। आप उनसे हमेशा 50 रन की उम्मीद नहीं कर सकते हैं। अगर कार्तिक 20 गेंद पर 40 रन बना लेते हैं तो उनका काम पूरा हो जाएगा। इन्हीं कारणों से कार्तिक टीम में जगह पाने के हकदार हैं। वह भारत के लिए खेलने चाहते हैं। अगले साल वनडे वर्ल्ड कप है। मुझे लगता है कि वह इसके लिए भी उपलब्ध रहना चाहेंगे। किसी की उम्र नहीं, बल्कि उसका प्रदर्शन देखना चाहिए।''