जानलेवा हमले में चार को पांच वर्ष की कैद

बस्ती। फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश अंकिता दुबे ने जानलेवा हमले के मामले में चार लोगों को पांच वर्ष के कठोर कैद की सजा सुनाई है। अभियुक्तों में प्रत्येक को 15-15 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। इसे न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सहायक शासकीय अधिवक्ता वेद प्रकाश पांडेय व प्रदीप कुमार ओझा ने अदालत में घटना का विवरण प्रस्तुत किया। 

परशुरामपुर थाना क्षेत्र के बैरागीपुर गांव का जितेंद्र उर्फ गुड्डू पांडेय छत की ढलाई मशीन रखे थे और उससे अच्छी आमदनी होती थी। यही कार्य पड़ोस के गांव के इटवा मिसिर निवासी मनोज यादव भी करते थे व्यवसायिक प्रतिद्वंद्विता रखते हुए गुड्डू पांडेय की तरक्की से मनोज जलते थे। इसी रंजिश से मनोज बदले की आग में जल रहा था। 20 अप्रैल 2018 की रात जितेंद्र अपनी पत्नी व बच्चों के साथ छत पर सोए हुए थे, मनोज व इसी गांव के अशोक उर्फ गुड्डू मिश्र ग्राम इटवा दर्जी पुरवा के मिथुन उपाध्याय एवं इटवा महापुरवा के सुभाष तिवारी छत पर चढ़ गए। 

ईंट से मारकर जितेंद्र को बेहोश कर दिए। पत्नी और बच्चों के शोर मचाने पर वे भाग निकले। ग्रामीणों के सहयोग से बेहोशी की हालत में उन्हें परसरामपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टर ने फैजाबाद जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। इलाज से ठीक होने के बाद पीड़ित ने परशुरामपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत हुआ। अदालत ने दोनों पक्षों को साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया। सुनवाई के बाद अभियुक्तों को जानलेवा हमला करने व घर में घुसकर मारने के आरोप में दोषी पाया गया है।