श्री राम सेवा समिति ने मनाया वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती

लखनऊ। राजाजीपुरम् के क्षत्रिय भवन में भारतीय कैलेण्डर के अनुसार राजपूत शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती क्षत्रिय समाज के साथ आम जनमानस ने बड़ी ही धूमधाम व उल्लास के साथ मनायी। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व राज्यसभा सदस्य कुसुम राय व विशिष्ठ अतिथि के रूप में प्राचीन भारतीय युद्धकला कलारीपयट्टू संयोजक दुर्गेश मिश्रा उपस्थित थे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी भी उपस्थित थें।

 श्रीराम सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि कुसुम राय के साथ समिति के अध्यक्ष श्याम सिंह राठौर, महामंत्री किरण सकवा विक्की व अन्य गणमान्य अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्जवलन व प्रभु श्रीराम, भारतमाता तथा महाराणा प्रताप के चित्रों पर पुष्पाजंलि करके किया गया। इस अवसर पर श्रीराम सेवा समिति के पदाधिकारी व क्षत्रिय समाज के अनेक प्रतिष्ठित गणमान्य लोग उपस्थित थे।

 कार्यक्रम में आमंत्रित अतिथियों व गणमान्य लोगों को प्रतीक चिह्न व अंगवस्त्र पहना कर सम्मानित भी किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में नरेन्द्र भदौरिया ने मॉं भारती के वीर सपूत महाराणा प्रताप के तेजस्वी व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुये कहा कि महाराणा प्रताप ने अकबर को तीन बार पराजित किया था तो तत्कालीन इतिहासकारों ने महाराणा प्रताप को महान न बताते हुये अकबर को महान कैसे बता दिया। 

हमारो बच्चों को  अकबर महान पढ़ाया जाता है। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती मनाने का उद्देश्य यही है कि हम सच्चाई को जाने। वे केवल क्षत्रिय समाज का मान नहीं बल्कि पूरे भारतवासियों के सिरोमौर है। इस अवसर पर धर्म जागरण प्रमुख दुर्गेश मिश्रा व उनके सहयोगियों ने प्राचीन भारतीय युद्ध कौशल कला कलारीपयट्टू का प्रदर्शन किया। जिसको देखकर मुख्य अतिथि सहित उपस्थित सभी लोगों ने दाँलों तले उंगलियां दबा ली। सभी ने इस युद्ध कौशल कला की भूरि-भूरि सराहना व प्रशंसा की।