एनजीटी के मा. सदस्य/न्यायाधीश ने अधिकारियों के साथ की बैठक

‘डिस्ट्रिक्ट इनवायरमेण्ट प्लान’ व फसल अवशेष प्रबन्धन की हुई सराहना

बहराइच । मा. सदस्य/न्यायाधीश, राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण प्रधान न्याय पीठ, नई दिल्ली डॉ अफरोज अहमद द्वारा प्रस्तावित जनपद भ्रमण कार्यक्रम के दौरान कलेक्ट्रेट सभागार में डिस्ट्रिक्ट इनवायरमेण्ट प्लान के सम्बन्ध में एक आवश्यक बैठक आयोजित की गयी। बैठक के दौरान डॉ अहमद द्वारा बताया गया कि जिलाधिकारी डॉ दिनेश चन्द्र व मुख्य विकास अधिकारी कविता मीना के कुशल मार्गदर्शन में तैयार की गयी जनपद बहराइच की ‘डिस्ट्रिक्ट इनवायरमेण्ट प्लान’ की राष्ट्रीय स्तर पर व राष्ट्रीय हरित न्यायधिकरण द्वारा सराहना की गयी है।

 इसके अलावा जनपद में फसल अवशेष प्रबन्धन की दिशा में जिला प्रशासन के प्रयास से स्थापित विपुल इन्टस्ट्रीज की भी सराहना की गयी है। जिसके लिए जिला प्रशासन बधाई का पात्र है। उन्होंने यह भी बताया कि मेरा प्रयास होगा कि इस प्रकार के फसल अवशेष प्रबन्धन की व्यवस्था अन्य प्रदेशों में भी लागू करायी जाय। फसल अवशेष प्रबन्धन से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों को अपना फसल अवशेष बेचने से अतिरिक्त आय भी होगी।

मा. सदस्य/न्यायाधीश डॉ अहमद ने कहा कि जनपद बहराइच प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। यहां के प्राकृतिक संसाधनों वनों, नदियो, तालाबो, झीलों इत्यादि के संरक्षण के लिए अतिक्रमण हटवाकर एक विस्तृत कार्य योजना तैयार कर प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए कार्य किया जाय। प्राकृतिक संसाधनों का आने वाली पीढ़ी के लिए संरक्षण आवश्यक है। जल श्रोतों के संरक्षण से जनपद का जल स्तर भी मेनटेन रहेगा। जिले के प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं सौन्दर्णीयकरण से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा जिससे जिले की आय में भी वृद्धि होगी और रोजगार के अवसर भी प्राप्त होगें।

बैठक के दौरान क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अयोध्या चन्द्रेश कुमार से जनपद की चीनी मिलों व अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों में प्रदूषण नियंत्रण के दृष्टिगत सीवर टीटमेण्ट प्लाण्ट इत्यादि की स्थापना की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिये गये कि चीनी मिलों व अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों मंें प्रदूषण नियंत्रण के मानको का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाय। मानको का अनुपालन कराये जाने में यदि किसी प्रकार की समस्या हो तो जिला प्रशासन से भी सहयोग प्राप्त कर सकते है। 

मा. सदस्य/न्यायाधीश डॉ अहमद द्वारा अधिशाषी अधिकारी निकायों को निर्देश दिये गये कि नगरीय क्षेत्रों में सीवर ट्रीटमेण्ट प्लाण्ट की स्थापना के साथ-साथ सालिड बेस्टमेण्ट की व्यवस्था की जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाय। प्लास्टिक प्रयोग के प्रतिबंध को कड़ाई से लागू करने के लिए व्यापक स्तर पर सभासदों व अन्य के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाय।

कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि कम से कम पेस्टीसाइड के प्रयोग के लिए किसानों को जागरूक किया जाय। साथ ही पेस्टीसाइड की अल्टरनेटिव व्यवस्था को भी बढ़ावा दिया जाय। मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये गये कि चिकित्सालयों में बायो मेडिकल बेस्ड के निस्तारण की प्रापर व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाय। पुलिस प्रशासन को निर्देश दिये गये कि यातायात के नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराते समय लोगों को ध्वनि प्रदूषण के सम्बन्ध मंे भी जागरूक किया जाय। बैठक के अन्त में मा. सदस्य/न्यायाधीश डॉ अहमद को अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी कविता मीना, अपर जिलाधिकारी मनोज, नगर मजिस्ट्रेट ज्योति राय, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ एस.के. सिंह, उप निदेशक कृषि टी.पी. शाही, अधिशाषी अभियन्ता ड्रेनेज खण्ड शोभित कुशवाहा, जल निगम सौरभ सुमन, जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार पाण्डेय, सहायक अभियन्ता लघु सिचाई मंशाराम मौर्या, कृषि रक्षा अधिकारी आर.डी. वर्मा, ईओ नगर पालिका दुर्गेश्वर त्रिपाठी, एसडीओ वन डी.के. सिंह, उपायुक्त मनरेगा के.डी. गोस्वामी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।