"सफ़र अभी बाकी है..."

जिंदगी में अभी भी 

बहुत लंबी सफ़र 

अभी बाकी है

या सफ़र बाकी 

होगा शायद...


लेकिन..., मैं...!

'तुम्हारा ही रहना चाहूं 

और किसी को ना चाहूं'

से लेकर...

'मुझे मुझ में ही रहने दो 

तुम्हें भी ना चाहूं 

किसी को भी ना चाहूं...'

तक की सफ़र पार

करने के बाद...,


जिंदगी से विशेष 

लगाव नहीं रहा 

वह माया मोह 

नहीं रहा...!


फिर भी ना जाने क्यों

जिंदगी में 

सफ़र अभी बाकी है...


स्वरचित एवं मौलिक

मनोज शाह 'मानस'

मो.नं.7982510985

manoj22shah@gmail.com