नहीं भूली मैं

सुनसान सड़क पर

दिलबर संग थे

चांदनी रात

हाथों में हाथ थे

हम तुम ख़ामोश

सांसों का शोर था

नज़रों से बात हुई

वो रात हम तुम भूले नही

प्रतिभा जैन

टीकमगढ़ मध्यप्रदेश