टप्पल में हुई हिंसक घटना के बाद मुफ्ती मो. खालिद हमीद ने जारी किया बयान, बोले मुस्लिमों पर तो तुरंत हुई कार्रवाई

अलीगढ़। अग्निपथ के विरोध में अलीगढ़ में 17 जून को टप्पल में हिंसक घटनाएं हुई। सरकारी बसों में तोड़फोड़ हुई और उन्हें आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस के वाहन तोड़े गए और जट्टारी पुलिस चौकी में भी आगजनी कर दी गई। अधिकारियों पर भी पथराव किया गया। इस सबके बाद शहर मुफ्ती मो. खालिद हमीद ने बयान जारी किया है। इसमें उन्होंने भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से सवाल पूछा है कि क्या अब सरकार अलीगढ़ में उपद्रव करने वाले और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के ऊपर बुलडोजर चलाएगी और एनएसए लगाएगी। अगर ऐसा होगा तो यह कब तक किया जाएगा।

 शहर मुफ्ती ने कहा कि जुम्मे पर कानपुर, मुरादाबाद, सहारनपुर और प्रयागराज में हिंसक घटनाएं हुई। नबी की शान में गुस्ताखी के विरोध में मुस्लिमों ने प्रदर्शन किए। लेकिन उनके यह प्रदर्शन कानून के दायरे के बाहर थे और इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा। सरकार ने सरकारी संपत्ति का नुकसान और शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई। इसमें मुस्लिमों को चिन्हित किया गया और उनके मकानों के ऊपर बुलडोजर चलाने शुरू कर दिए गए। 

बने बनाए मकान तोड़ दिए गए और उसे मिट्घ्टी के ढ़ेर में मिला दिया। अग्निपथ में हुई हिंसक घटना के बाद शहर मुफ्ती खालिद हमीद ने कहा है कि जिले की इस घटना ने भी जिले का माहौल खराब किया है। चौकी फूंक दी गई है और सरकारी संपत्ति का नुकसान किया गया है। अब देखना यह है कि प्रशासन अलीगढ़ में कितने लोगों के ऊपर एनएसए की कार्रवाई करता है और कितने लोगों के घर पर बुलडोजर चलाकर उसे तोड़ा जाएगा। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि इनके खिलाफ कब कार्रवाई होगी या सिर्फ एक समुदाय विशेष को ही निशाना बनाया जाता रहेगा। अगर सिर्फ एक समुदाय को निशाना बनाया जाएगा तो यह बर्दाश्त के बाहर होगा।