अग्नि पथ भर्ती योजना मोदी सरकार की नव जवानों के लिए है बर्बादी का पथ- प्रमोद तिवारी

बिजली संकट तथा बकाये के नाम पर विभागीय उत्पीड़न पर राज्यसभा सदस्य ने ऊर्जा मंत्री को लिखा पत्र, सरकार से पर्याप्त बिजली आपूर्ति पर दिया जोर 

लालगंज, प्रतापगढ़। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य एवं पार्टी की केन्द्रीय वर्किग कमेटी के सदस्य प्रमोद तिवारी ने भीषण गर्मी तथा धान की नर्सरी को लेकर प्रदेश में विद्युत आपूर्ति बदहाल होने पर ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने पर जोर दिया है। शुक्रवार को प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को प्रमोद तिवारी ने पत्र लिखकर कहा है कि अभूतपूर्व बिजली संकट को लेकर प्रदेश के किसान व उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। वहीं धान की नर्सरी भी तैयार होने के समय विद्युत आपूर्ति न होने से किसानों को पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है।

 श्री तिवारी ने ऊर्जा मंत्री का ध्यान बिजली संकट से जूझ रहे गरीब तबके के लोगों से बिजली के बकाये तथा अधिभार के नाम पर आतंक पैदा कर विभाग द्वारा बिजली काटे जाने को भी चिन्ताजनक कहा है। उन्होंने बिजली विभाग द्वारा मंहगाई के दौर में बकाये तथा अधिभार के नाम पर लोगों के घरों और दुकानों मे घुसकर बिजली काटे जाने के साथ बिचौलियों के जरिये रिश्वतखोरी पर सेटल किये जाने के भी आरोपों की भी सरकार से उच्चस्तरीय जांच कराये जाने को कहा है।

 श्री तिवारी ने सरकार से कहा है कि उपभोक्ताओं को अधिभार के लिए तीन माह का समय दिया जाय और विद्युतकर्मियों को निजीकरण का भय दिखाकर लूट के अभियान पर सख्त पाबन्दी लगायी जाय। उन्होनें यह भी कहा है कि गरीब उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली विभाग द्वारा भय का माहौल बनाने के लिए दर्ज करायी जा रही एफआईआर तथा लूट का विरोध बीजेपी सहित सभी दलों के सांसदो व विधायकों व संगठन के पदाधिकारियों को करना चाहिये। वहीं कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने मोदी सरकार के अग्निपथ पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि यह नव जवानों की बर्बादी का पथ है। 

उन्हांेने कहा कि कहां तो मोदी सरकार का वन रैंक वन पेंशन का वायदा था। बकौल प्रमोद तिवारी अब बीजेपी सरकार नो रैंक, नो पेंशन तथा नो भविष्य के तहत देश के नव जवानों का भविष्य चौपट कर रही है। उन्होंने कहा कि अग्नि पथ भर्ती योजना का प्रस्ताव पहले नव जवानों की पढ़ाई मे बाधक बनेगी और फिर चार साल बाद नौकरी भी छूट जाएगी। राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि इससे देश का युवा जीवनयापन के लिए दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर होगा। 

उन्होंने कहा कि पहले मोदी नीति सरकार ने तीन काले कृषि कानूनों के जरिए किसान को बर्बाद किया और एक साल से अधिक चले किसान आन्दोलन के कारण उसे वापस लिया। उन्होंने अग्नि पथ भर्ती योजना को तत्काल वापस लेने पर जोर देते हुए कहा कि मोदी सरकार को इस तरह की पहले भी कर चुकी भूल से सबक लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार शांतिपूर्ण किसान आन्दोलन में सात सौ किसानों की शहादत की देश की पीड़ा को दरकिनार किये हुए है। 

वहीं राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने युवाओं से अग्नि पथ भर्ती योजना के प्रस्ताव को लेकर आंदोलन अहिंसात्मक एवं लोकतांत्रिक ढंग से चलाए जाने का आहवान किया है। शुक्रवार को यहंा मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से जारी बयान में कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भाजपा से देश को गुमराह करने तथा चौदह चुनिंदा पूंजीपतियों के हवाले देश की सम्पत्ति को बर्बाद करने से बाज आने को कहा है।