कान्हा तेरी बांसुरी

कान्हा तेरी बांसुरी करे दीवाना

सबको नाच नचाती छेड़ तराना।

मीठे मीठे सारे सुर अपने पास बुलाती हैं।

कान्हा तेरी बांसुरी कमाल कर जाती है।

गोपी वाले देखो सब को नाच नचाती है।


कान्हा तेरी बांसुरी करे है दीवाना।


पास बुलाए राधा को चित् भी चुराती है

कान्हा तेरी बांसुरी कमाल कर जाती है

छोड़े सबकी परवाह सखियां चली जाती है।

बांसुरी दीवाना करे गीत  मधुर गाती है।


कान्हा तेरी बांसुरी करे है दीवाना।


प्रीत में श्याम तेरे सपने सजाती है।

छेड़ा जो ताराना तूने दीवानी में हो गई

प्रीत तुझसे लगी सुध बुध मैं तो खो गई।

चलती रही बस यूं ही आवाज तेरी आई।


कान्हा तेरी बांसुरी करे है दीवाना।


दिल भी तेरे साथ मैं भी तेरे साथ

खो गई धुन में तेरी पीछे तेरे आ गई।

कान्हा तेरी बांसुरी करे है दीवाना ।।


                     रचनाकार ✍️

                     मधु अरोरा