टीबी के मरीजों की जानकारी दीजिए बदले में पाँच सौ रुपये की प्रोत्साहन राशि लीजिए

गोंडा । 2022 वर्ष 2025 तक देश को क्षय (टीबी) रोग से मुक्त बनाने के लिए हर दिन नए प्रयास हो रहे हैं | इसी कड़ी में सरकार द्वारा एक और कदम उठाया गया है | इसके तहत अब आयुष चिकित्सक यानि आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक व यूनानी चिकित्सक भी क्षय रोगियों को पीएचसी, सीएचसी, जिला अस्पताल या क्षय रोग उन्मूलन केंद्र के लिए रेफर कर सकेंगे | इसके लिए उन्हें सरकार की ओर से 500 रुपए की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी सीएमओ डॉ. आरएस केसरी ने बताया कि इस सम्बन्ध में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशालय द्वारा गाइड लाइन जारी की गयी है | 

इसके अनुसार, यदि कोई भी प्राइवेट आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सक किसी टीबी के मरीज का उपचार करता है, तो सबसे पहले इसकी सूचना निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल को अनिवार्य रूप से देनी होगी | उनके क्लीनिक पर कोई भी संभावित मरीज जिसे दो महीने से लगातार खांसी आ रही हो, बुखार आता हो, पसीना लगातार आता हो, बलगम में खून आता हो तथा लगातार वजन घटने के लक्षण दिखें, तो ऐसे व्यक्ति को तत्काल जिला क्षय रोग उन्मूलन केंद्र पर जांच के लिए रेफर किया जाए | नए मरीज को रेफर करने पर चिकित्सकों को 500 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी |