पद्मश्री कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर के 116वें जन्मदिवस पर गोष्ठी का आयोजन

वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश प्रभाकर का किया सम्मान 

सहारनपुर। आज  विखयात साहितयकार  पद्मश्री  कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर जी की जयंती का उपलक्ष में,  एक कार्यक्रम प्रभाकर जी की साधना स्थली उनके आवास पर आयोजित किया गया ।कार्यक्रम मैं कन्हैया लाल मिश्र प्रभाकर जी के सुपुत्र वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश प्रभाकर जी को सम्मानित किया गया । 

कार्यक्रम के संयोजक शासन द्वारा पुरस्कृत शिक्षक बृजेश शर्मा ने बताया की आज जनपद सहारनपुर के वरिष्ठ  साहित्यकार पद्मश्री डॉ0 कन्हैया लाल मिश्र प्रभाकर जी की जयंती के उपलक्ष में उनके आवास पर एक लघु गोष्ठी का आयोजन किया गया । विषय -प्रभाकर जी की साहित्यिक साधना,  जिसमें वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश प्रभाकर ने कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर जी के जीवन व्रत व साहित्य और उनकी लेखन शैली पर विस्तार से प्रकाश डाला, उन्होंने बताया की प्रभाकर जी रिपोर्ताज शैली के जनक माने जाते हैं। 

देवबंद में जन्मे मूल रूप से कन्हैयालाल मिश्र  जी हिंदी साहित्य के प्रखर लेखक रहे हैं ,उन्होंने दीप जले शंख बजे, माटी हो गई  सोना, बाजे पायलिया के घुंघरू,क्षण बोले कण मुस्कराए , धरती के फूल जैसी रचनाएं लिखकर, हिंदी साहित्य का मान बढ़ाने का कार्य किया । वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेंद्र शर्मा  ने बताया कि हम सबको प्रभाकर जी के साहित्य से प्रेरणा लेनी चाहिए और उनके साहित्य का प्रचार - प्रसार करना चाहिए तथा समय-समय पर गोष्ठियों के आयोजन के द्वारा उनकी विचारों का जन जन तक पहुंचाने का कार्य, हम सबको मिलकर करना चाहिए ।

कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पत्रकार श्री अखिलेश प्रभाकर जी को कार्यक्रम के संयोजक बृजेश शर्मा ,वरिष्ठ ब्राह्मण नेता श्री सुरेंद्र शर्मा, डॉ0 शिवकुमार शर्मा, मुकेश कुमार शर्मा ,श्री रविंद्र शर्मा ने संयुक्त रूप से  स्मृति चिन्ह व पटका पहना कर स्वागत किया।  वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेंद्र शर्मा व बृजेश शर्मा ने शॉल ओढ़ाकर कर अखिलेश प्रभाकर जी का सम्मान किया तथा उन्हें अपनी पुस्तकें भी भेंट की ।कार्यक्रम के अंत में अखिलेश प्रभाकर जी ने सभी का आभार व्यक्त किया । कार्यक्रम के दौरान यश प्रभाकर, रविंद्र शर्मा ,मुकेश शर्मा ,सुरेंद्र शर्मा ,डॉ0 शिवकुमार शर्मा व अन्य अतिथि गण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मुकेश शर्मा व अध्यक्षता अखिलेश प्रभाकर जी ने की।