01 जुलाई से 30 सितम्बर तक संचालित होगा ‘सम्भव’ अभियान

बहराइच । सीवियर एक्यूट मालन्यूट्रीशन (सैम) एवं मॉडरेट एक्यूट मालन्यूट्रीशन (मैम) से ग्रसित बच्चों का चिन्हांकन, उपचार, सन्दर्भन एवं सामुदायिक स्तर पर उनके प्रबन्धन के साथ-साथ कुपोषण की रोकथाम हेतु सामुदायिक व्यवहार परिवर्तन पर ज़ोर दिये जाने हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 में 01 जुलाई से 30 सितम्बर 2022 तक जनपद में ‘‘सम्भव’’ अभियान संचालित किया जायेगा। अभियान के दौरान सामुदायिक गतिविधियों में स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, खाद्य एवं रसद तथा शिक्षा विभाग के साथ-साथ पशुपालन, उद्यान, आयुष, पेयजल एवं स्वच्छता तथा स्वच्छ भारत मिशन के प्रतिनिधियों की भी सहभागिता सुनिश्चित की जायेगी।

जनपद में ‘‘सम्भव’’ अभियान के सफल संचालन हेतु कलेक्ट्रेट सभागार में सहयोगी विभागीय अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र ने डीपीआरओ को निर्देश दिया कि ग्राम प्रधान, ऑगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा व गॉव के अन्य सक्रिय सदस्यों जैसे रोज़गार सेवक, पंचायत सचिव, स्वयं सहायता समूह व शिक्षक के साथ मिलकर पोषण एवं पोषण जन-जागरूकता के लिए पोषण चौपाल, पोषण पंचायत एवं पोषण उत्सव का आयोजन करें तथा मोटे अनाज के फायदे व प्रयोग हेतु लोगों को प्रोत्साहित करने के साथ पोषण वाटिका का निर्माण कराया जाय।

बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक माह कम-से-कम एक बार स्कूलों में पोषण परामर्श सत्रों का आयोजन, छात्र-छात्राओं को साप्ताहिक आयरन व छमाही डी-वार्मिंग की गोली खिलाने के साथ-साथ सामुदायिक गतिविधियॉ भी संचालित की जायें। खाद्य एवं रसद विभाग को निर्देश दिया गया कि सीडीपीओ द्वारा चिन्हित कुपोषित बच्चों को पात्रता के आधार पर राशन कार्ड तथा राशन भी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। ग्राम्य विकास विभाग को निर्देश दिया गया कि कुपोषित बच्चों के परिवारों को जाब कार्ड उपलब्ध कराने के साथ-साथ परिवार के कम-से‘कम एक सदस्य को रोज़गार प्राप्त कराना भी सुनिश्चित करें। वी.एच.एस.एन.डी. दिवस के संचालन के लिए स्वयं सहायता समूहों को जोड़ा जाय।

पशुपालन विभाग को निर्देश दिया गया कि सैम, मैम व गम्भीर अल्पवज़न बच्चों के परिवारों को आवश्यकतानुसार गाय उपलब्ध करायें तथा पोल्ट्री आदि से जोड़े ताकि उन्हें दूध व प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ आसानी से प्राप्त हो सके। उद्यान विभाग को निर्देश दिया गया कि पोषण वाटिका की स्थापना हेतु फलदार एवं सहजन के पौधे, बीज आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करें। आयुष विभाग को निर्देश दिया गया कि एनीमिया से बचाव हेतु औषधीय पौधों के बारे में जागरूकता गतिविधियों को संचालित करें तथा पोषण वाटिका की स्थापना में सहयोग प्रदान करें।

स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया कि सैम/मैम एवं गम्भीर अल्पवज़न से ग्रसित बच्चों की वीएचएसएनडी दिवस के माध्यम से जॉच एवं सन्दर्भन की कार्यवाही सुनिश्चित करें तथा कम वज़न (2.5 कि.ग्रा. से कम वज़न) के नवजात बच्चों की सूची आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के साथ साझा की जाय। गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसव पूर्व जॉच एवं आयरन फोलिक एसिड, कैल्शियम एवं डी-वार्मिंग की गोलियों का वितरण एवं सेवन सुनिश्चित करें। ट्रिपल (ए.एन.एम., ऑगनबाड़ी कार्यकत्री एवं आशा) द्वारा पोषण पर जन-जागरूकता एवं पोषण साक्षरता को बढ़ाने के लिए विभिन्न सामुदायिक गतिविधियों में सहयोग प्रदान करेंगे।

बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को निर्देश दिया गया कि वज़न सप्ताह में चिन्हित सैम/मैम एवं गम्भीर अल्पवज़न से ग्रसित बच्चों की सूची आशा, एएनएम, ग्राम प्रधान एवं सम्बन्धित कन्वर्जेन्स विभागों के साथ साझा की जाय। नवजात शिशु के जन्म के प्रथम माह में चार साप्ताहिक गृह भ्रमण करते हुए ऑगनकाड़ी कार्यकत्री आशा के साथ बच्चों को वज़न लेना सुनिश्चित करेंगी तथा कम वज़न वाले बच्चा मिलता है तो सम्बन्धित परिवार को स्तनपान सम्बन्धी व्यवहार की जानकारी प्रदान करेंगी।

जिलाधिकारी डॉ चन्द्र ने डीपीओ को निर्देश दिया कि अभियान के दौरान 25 से 30 जून 2022 तक आयोजित होने वाले वजन सप्ताह में सभी ग्रामों में अधिकारियों को भेजकर वनज सम्बन्धी गतिविधियों को शासन के मानक के अनुसार सम्पन्न कराना सुनिश्चित करायेंगे। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायकाओं को साड़ी का वितरण मा. जनप्रतिनिधियों से कराये। बैठक के दौरान आंगनबाड़ी केन्द्र के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था के चयन पर भी विचार-विमर्श किया गया। जिलाधिकारी ने डीपीआरओ को निर्देश दिया कि बाढ़ क्षेत्र के सभी हैण्डपम्पों को क्रियाशील रखा जाय।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी कविता मीना, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ एस.के. सिंह, जिला विकास अधिकारी राजेश कुमार मिश्र, वरिष्ठ कोषाधिकारी अशोक कुमार प्रजापति, जिला कार्यक्रम अधिकारी जी.डी. यादव, डीपीआरओ उमाकान्त, डीएसओ अन्नत प्रताप सिंह, डीएचओ पारसनाथ, सीवीओ डॉ एम.के. सचान, जीएमडीआईसी मोहन कुमार शर्मा, बीएसए अजय कुमार, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत प्रदीप कुमार गुप्ता सहित खण्ड विकास अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, ग्राम प्रधान व अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।