खर्च में कटौती करने को रहें तैयार, साबुन-शैम्पू समेत कई उत्पाद के कंपनियों ने दाम बढ़ाने शुरू कर दिए

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक की ओर से महंगाई पर अंकुश के लिए नीतिगत दरों में वृद्धि के एक दिन बाद गुरुवार से उपभोक्ता उत्पाद बनाने वाली कंपनियों ने दाम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। हिन्दुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) ने साबुन-शैम्पू समेत कई उत्पादों के दाम में 15 फीसदी तक इजाफा किया है।

खबरों के मुताबिक पिसर्य साबुन की 125 ग्राम साबुन की कीमत में 2.4 फीसदी और मल्टीपैक में 3.7 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। लक्स साबुन के दाम में नौ फीसदी का इजाफा किया है। जबकि सनसिल्क शैम्पू की कीमतों में भी 10 फीसदी की बढ़ोतरी की है। क्लिनिक प्लस शैम्पू की कीमत में 15 फीसदी की वृद्धि की गई है। इसके अलावा अन्य सौंर्दय प्रसाधनों की कीमत में भी 10 फीसदी तक का इजाफा किया गया है।

सबसे बड़ी बात कि महज दो माह के भीतर ही एफएमसीजी कंपनियों ने दाम में वृद्धि की है। इससे पहले एचयूएल और नेस्ले ने मैगी, चाय और कॉफी कीमतें इस साल 14 मार्च से बढ़ाई थीं। पिछले दिनों एचयूएल के सीईओ और एमडी संजीव मेहता ने कहा था कि उन्होंने कंपनी में बिताए 30 सालों में इस तरह की महंगाई की स्थिति नहीं देखी है। दूसरी ओर ब्रिटानिया ने भी इस साल उत्पादों की कीमतों में 10 फीसदी वृद्धि का ऐलान किया है। पहले कंपनी ने सात फीसदी वृद्धि करने की बात कही थी, लेकिन कंपनी के प्रबंध निदेशक वरूण वेरी ने कहा कि कच्चे माल की कीमतों में तेज उछाल को देखते हुए कंपनी चालू वित्त वर्ष में पहले के अनुमान से अधिक दाम बढ़ाएगी।

दाम में तेज वृद्धि से उपभोक्ता रोजमर्रा के उत्पादों पर होने वाले खर्च में कटौती को मजबूर होने लगे हैं। कंटार की एक रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी-मार्च तिमाही में एफएमसीजी उत्पादों पर कुल खर्च 0.8 फीसदी घटा है। इसमें ग्रामीण क्षेत्र में वृद्धि से कुल गिरावट कम रही है। ग्रामीण क्षेत्र में इनपर खर्च 1.7 फीसदी बढ़ा है, जबकि शहरी क्षेत्रों में 3.4 फीसदी की गिरावट आई है। एफएमसीजी उत्पादों की कुल बिक्री में शहरी क्षेत्रों की हिस्सेदारी दो तिहाई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में इन उत्पादों पर खर्च में और कमी देखने को मिल सकती है।