डीएम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई पर्यावरण एवं जिला गंगा समिति की बैठक

बहराइच । सोमवार को देरशाम कलेक्ट्रेट सभागार में वन विभाग के तत्वाधान में जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र की अध्यक्षता में आयोजित जिला पर्यावरण एवं जिला गंगा समिति की बैठक के दौरान प्रभागीय वनाधिकारी बहराइच मनीष सिंह द्वारा अवगत कराया गया कि वर्ष 2022 में मा. मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश श्री योगी आदित्यनाथ जी की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों में वृक्षारोपण कार्यक्रम भी शामिल है। 

श्री सिंह ने बताया कि वर्ष 2022 हेतु जनपद के लिए 6889466 पौध रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें ग्राम्य विकास विभाग के लिए सर्वाधिक 2565360, वन एवं वन्य जीव प्रभाग के लिए 2385000, कृषि के लिए 491300, उद्यान के लिए 321800, राजस्व व पंचायती राज विभाग प्रत्येक के लिए 290780 तथा पर्यावरण विभाग द्वारा 268156 पौधरोपण किया जाना है।

डीएफओ श्री सिंह ने वनीकरण कार्य मे हासिल की गई उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया गया कि भारतीय वन अनुसंधान की वर्ष 2021 की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019 के सापेक्ष बहराइच जनपद का वन क्षेत्रफल 6.05 वर्ग कि.मी. बढ़ा है। श्री सिंह द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि वर्षाकाल 2022 हेतु ब्लाक महसी अन्तर्गत पंचदेवरी ग्राम समाज द्वारा घाघरा नदी के तट पर 120 हे. क्षेत्र में अग्रिम मृदा कार्य कराया जा रहा है जो एक ही स्थान पर प्रदेश में सबसे बड़ा स्थल होगा।

 उन्होंने यह भी बताया कि ब्लाक तेजवापुर के ग्राम टेण्डवा बसन्तपुर में प्रदेश सबसे बड़ी नर्सरी स्थापित की गयी है। डीएम डॉ. चन्द्र ने जनपद के वन क्षेत्र में बढ़ोत्तरी, एक ही स्थान पर सबसे बड़े क्षेत्र में अग्रिम मृदा कार्य तथा प्रदेश की सबसे बड़ी नर्सरी की स्थापना जैसी उपलब्धि अर्जित करने पर डीएम ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना की।

डीएम डॉ. दिनेश चन्द्र ने खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि उनके क्षेत्राधिकार में आने वाले बड़े-बड़े ईदगाहों में वृहद रूप से पौधरोपण कराया जाय ताकि पौधे ईदगाहों की बाउण्ड्री में सुरक्षित रह सकें। डीएम ने डीएफओ को निर्देश दिया कि प्रत्येक माह जिला गंगा समिति एवं पर्यावरण समिति की बैठक करायें तथा सिंचाई विभाग से समन्वय कर सरयू की सफाई कराई जाय ताकि उच्चाधिकारियों से प्राप्त निर्देशों के क्रम में सरयू की आरती आदि का आयोजन किया जा सके। 

डीएम ने डीएफओ व सीडीओ से अपेक्षा की कि जिला समिति के माध्यम से ग्राम पंचायतों से गुजरने वाली सरयू नदी की सफाई ग्राम पंचायतों के माध्यम से करायी जाय। बैठक के दौरान जिला गंगा समिति के कार्यों को सुचारु रुप से निष्पादित किए जाने हेतु प्रस्तुत की गई वार्षिक बजट कार्य योजना को सर्वसम्मति से अनुमोदन भी प्रदान किया गया।

बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी कविता मीना ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारियों द्वारा ग्राम गंगा समितियों का गठन कर लिया गया है। डीएम ने निर्देश दिया कि ग्राम गंगा समितियों द्वारा स्वयं सहायता समूह के माध्यम से सरयू तट की सफाई कराई जाय। बैठक के दौरान डीएफओ द्वारा ग्राम पंचायतवार अमृत उद्यान की स्थापना के बारे में जानकारी प्रदान की गयी। डीएम डॉ. चन्द्र ने अमृत उद्यान में मुख्यतः 5 प्रजातियों नीम, पाकड़, पीपल, बरगद व आम के पौधों का रोपण किये जाने पर बल देते हुए यह भी कहा कि वृक्षारोपण कार्य हेतु समस्त तकनीकी जानकारी वन विभाग से प्राप्त की जाए।

डीएफओ श्री सिंह ने बताया कि 37 सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत वनीकरण कार्य से सम्बंधित विगत वर्ष कराये गए वृक्षारोपण की सत्यापन रिपोर्ट संबंधित विभागों द्वारा प्रेषित न किए जाने से जनपद की श्रेणी प्रभावित हो रही है। इस स्थिति पर डीएम व सीडीओ द्वारा नाराज़गी व्यक्त की गयी। डीएम द्वारा निर्देश दिया गया कि सभी सम्बन्धित विभाग अपने-अपने वृक्षारोपण कार्यों की जियो टैगिंग कर सत्यापन रिपोर्ट आगामी बैठक के पूर्व डीएफओ बहराइच को उपलब्ध करा दें। 

डीएम ने सचेत किया आगामी बैठक तक रिपोर्ट प्रस्तुत न करने वाले अधिकारियों चेतावनी पत्र जारी किया जायेगा। डीएफओ ने विभागीय अधिकारियों को सुझाव दिया कि अपने अपने वृक्षारोपण की गणना कार्य वर्ष में दो बार माह जून एवं माह दिसम्बर में करते हुए उन्हें रिपोर्ट प्रेषित करें। बैठक के अन्त में डीएफओ श्री सिंह ने सभी मौजूद अधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी मनोज कुमार सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।