डीएम ने की भूसा दान यात्रा की शुरू, गांव-गांव जाकर किसानों से लेंगी भूसा

उरई/जालौन। सूखे बुंदेलखंड में चारे के अभाव में गौशालाओं में मवेशियों की मौत हो रही है। जिससे परेशान जालौन की डीएम ने इसको लेकर अनोखी पहल शुरू की है। उन्होंने डकोर विकासखंड के कुकरगांव से भूसा दान यात्रा का शुभारंभ किया है। इस यात्रा का मुख्य मकसद गांव-गांव जाकर भूसा एकत्रित करना है। जिससे एकत्रित भूसे को गौशालाओं तक पहुंचाया जा सके। जिससे भूख के कारण किसी भी मवेशी की मौत न हो सके। बता दें कि सूखे बुंदेलखंड में चारे के अभाव के कारण किसान अपने मवेशियों को छुट्टा छोड़ देते थे, जो किसान के लिए ही घातक साबित हो रहे थे। जिसके बाद योगी सरकार ने इन अन्ना मवेशियों के लिए गौशाला खुलवाने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद बुंदेलखंड के सभी जनपदों में कान्हा गौशाला से लेकर ग्राम पंचायतों में गौशाला का निर्माण कराया गया था। अन्ना मवेशियों को उसमें रखने की व्यवस्था की गई थी। शासन द्वारा भूसे की पर्याप्त इंतजाम किए जाने के बाद भी कई स्थानों पर भूसे के अभाव में मवेशियों की मौत हो रही थी। जालौन की जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने शुक्रवार को भूसे के अभाव में मरने वाले मवेशियों के लिए अनोखी पहल शुरू की है। उन्होंने डकोर विकासखंड के ग्राम कुकरगांव से भूसा दान यात्रा का शुभारंभ किया। जो जालौन के प्रत्येक ग्राम पंचायत व मजरे में जाकर भूसा एकत्रित करेगी। उन्हें गौशालाओं तक पहुंचाया जाएगा, जिससे भूसे की कमी के कारण कोई भी मवेशी भूखा न रहे और उसकी मौत न हो। डकोर विकासखंड के कुकरगांव से शुरू हुई इस भूसा दान यात्रा में स्कूली बच्चों के साथ-साथ किसानों ने भी साथ दिया। जिन्होंने पूरे गांव में जाकर लोगों को जागरूक किया और भूसा दान करने की अपील की। इस दौरान भूसा दान करने में किसान आगे आए और उन्होंने डीएम के साथ चल रही ट्रैक्टर ट्रॉली में भूसा दान दिया। साथ ही डीएम को आश्वासन दिया कि गांव में बनी गौशाला में भूसे की कोई भी कमी नहीं रहने देंगे। इस दौरान डीएम ने भूसा दान करने वाले किसानों को सम्मानित किया। इस सम्मान में महिलाएं भी शामिल थी।