प्रधान ने बहू-बेटे और पत्नी के नाम आवंटित कर दी सरकारी जमीन, ग्रामीणों ने डीएम से की शिकायत

अमेठी। तिलोई तहसील क्षेत्र से बड़ा मामला प्रकाश में आया है। यहां ग्राम सभा अगौना के प्रधान पर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने डीएम को बताया है कि प्रधान ने सरकारी जमीन को अपनी बहू-बेटे और पत्नी के नाम आवंटित करा दिया है।डीएम से की गई शिकायत में ग्रामीणों द्वारा कहा गया है कि तिलोई तहसील अंतर्गत ग्राम आगौना के प्रधान जगप्रसाद तिवारी ने वर्ष 1997-1998 में लेखपाल व राजस्व टीम द्वारा गलत तरीके से कृषि आवंटन किया गया था। 

गाटा संख्या 1869/0.111 व 1884/0.143 पर बिना अनुमति अपने बेटे विजय शंकर के नाम आवंटित किया गया। गाटा संख्या 1884 मि/0.253 हे. शांति उर्फ जसवंत पुत्री राजकुमार पत्नी गिरजा शंकर निवासी पूरे ठाकुर राम पंडित मजरे पाकरगांव परगना मोहनगंज के बहू के नाम, नीलम पत्नी विजय शंकर को गाटा संख्या 1388/0.193 -1511/.089 हे., बहू रूपा तिवारी पुत्री रामदुलारे पत्नी रवि शंकर तिवारी को गाटा संख्या 1822/0.158 व 1823/0.210 हे., निर्मला उर्फ प्रभा देवी पत्नी जगप्रसाद तिवारी गाटा संख्या 1388/0.063 व 1399/0.180 हे. पत्नी व रवि शंकर पुत्र जगप्रसाद तिवारी (बेटा) की गाटा संख्या 1387/0.253 हे. तथा गिरिजा शंकर तिवारी पुत्र जगप्रसाद बेटे के नाम गाटा संख्या 1388मि/0.253 हे. के नाम कृषि आवंटन किया है। 

ग्रामीणों का आरोप है कि जिसमे सभी का गलत पहचान पत्र दिय गया है जो पूर्णतः गलत एवं फर्जी है। सिर्फ ग्राम प्रधान होने के नाते अपनी पत्नी, बहू व बेटों के नाम रविशंकर, गिरजा शंकर, विजय शंकर पुत्र जगप्रसाद व पत्नी निर्मला उर्फ प्रभा देवी पत्नी जगप्रसाद व बहू रूपा तिवारी, शांति उर्फ जसवंत व नीलम पत्नी विजय शंकर तिवारी के तथ्यों को छुपा कर बेश कीमती जमीन को अपने परिवार के नाम करा लिया है। जिसे खारिज करना विधिक एवं आवश्यक है। ग्राम प्रधान ने सरहंगी के बल पर गलत रिपोर्ट बनवाकर कृषि आवंटन कराया गया है। जिसकी वृहद जांच कर कृषि आवंटन निरस्त किया जाना चाहिए। इस मामले में डीएम ने जांच के आदेश भी दिए हैं।