चले बुलडोजर से बेरोजगार हुए दुकानदारों ने कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन

बांदा।जिला उद्योग व्यापार मंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन। ज्ञापन में रेहड़ी पटरी दुकानदारों की समस्या के स्थाई समाधान की मांग रखी गई है। जिला उद्योग व्यापार मंडल व अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा जिला अध्यक्ष महिला मंच शालिनी सिंह पटेल के नेतृत्व में व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट में प्रभारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में रेहड़ी पटरी दुकानदारों के लिए नगर पालिका द्वारा स्थाई स्थान सुलभ कराने की व्यवस्था, व्यापारियों ने छोटे दुकानदारों के लिए छोटी-छोटी दुकानें बनाकर उनको लागत मूल्य पर आवंटित किए जाने की भी मांग की।

 सरकार के अतिक्रमण हटाने के आदेश के बाद तमाम रेहडी पटरी दुकानदारों की रोजी-रोटी छिन गई है।वह भुखमरी की कगार में पहुंच गए हैं। रेहडी पटरी स्ट्रीट वेंडर रोड किनारे ठेला लगाकर व्यवसाय करने वाले लोग जो अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराते हैं। अतिक्रमण के चलते बुलडोजर के द्वारा उनका रोजगार छीन लिया गया है जिला प्रशासन के द्वारा शहर बांदा के हजारों स्टैंडर्ड बेरोजगार हुए उनके बच्चों के शिक्षा और पालन-पोषण रोजी-रोटी का संकट आ खड़ा हुआ है। गरीब विधवा महिलाएं जो सड़क किनारे लगाकर सब्जी इत्यादि का व्यवसाय कर अपने परिवार का भरण पोषण करती हैं रोजगार छिन जाने से उनकी आर्थिक स्थिति डांवाडोल हो गई है।

शहर में हर चौराहे हर गली में हटाए गए अतिक्रमण के प्रभाव से गुमटी, डिब्बा व्यवसाय वाले लोग कथित रूप से अपनी बिगड़ी अर्थव्यवस्था का जिम्मेदार जिला प्रशासन को मानते हैं। जिला मुख्यालय के अशोक लाट तिराहे के बगल से लेकर तहसील गेट के किनारे तक रखे हुए डब्बे व्यवसायियों ने अपनी पीड़ा बताई कि 10 ही दिन पूर्व नगर पालिका ने चिन्हित कर स्पष्ट किया था कि आप व्यवसाय करें फैला करके नहीं। अपने डिब्बों के अंदर इस आश्वासन के उपरांत भी हम पटरी दुकानदारों को बसने की बजाय उजाड़ दिया गया। ज्ञापन देने के दौरान नफीस अहमद, जावेद घड़ी साज, इरशाद अनवर, रामबाबू गुप्ता, रविंद्र गुप्ता, कलाम, नसीम, जयराम, संजीव गुप्ता, शराफत, लालू, पप्पू, शिवगोपाल आदि उपस्थित रहे।