आयुक्त को भेजे पत्र में आप ने बताई हकीकत और कार्यवाही न होने पर दिया आंदोलन का अल्टीमेटम

-रोके नहीं रुक रहे बारागलौली पांटून पुल में ओवरलोड वाहन

बांदा। चल रहे सत्र में ज्यों-ज्यों बालू की खदानों का कारोबार फिलहाल कुछ दिनों के लिए समाप्ति की ओर चल रहा है। वहीं पैसा कमाने के चक्कर में खनिज कारोबारी अपने धंधे को बढ़ाने के लिए तरह-तरह की कवायदें रचने में जुट गए हैं। अवैध खनन की एक शिकायत मंडलायुक्त से आम आदमी पार्टी के प्रभारी बुंदेलखंड द्वारा करके गलौलीबारा पांटून पुल से लगातार खदान संचालकों द्वारा बालू से भरे टैक्टरों को पुल के उपर से निकालकर अधिकृत क्षेत्र से बाहर खनन का आरोप लगाते हुए जल्द ही रोक लगाने की मांग के साथ कार्यवाही न होने की दशा में अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि मजबूर जनता आंदोलन, धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होगी। 

आयुक्त को संबोधित पत्र में आम आदमी पार्टी के बुंदेलखंड प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह ने कहा है कि 27 फरवरी व 27 अप्रैल को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र में हालातों की जानकारी दी गई। जिसमें जांच टीम बनाई गई। परंतु जांच की कोई रिपोर्ट आज तक हाथ नहीं लगी न ही कोई बताने को तैयार है। जबकि गलौली बारा पांटून पुल में 26 फरवरी को धान से लदा टक पुल के नीचे यमुना नदी में गिर गया था। जिसमें टक के चालक व खलासी की मौत हुई थी। इतना ही नहीं मटर से लदा ओवरलोड टैक्टर भी पुल के रास्ते से पलट गया था। 

जिसमें चालक गंभीर रूप से घायल हुआ था। प्रशासन और लोक निर्माण विभाग बांदा के अधिकारी पुल पर अव्यवस्था और ओवरलोड गाड़ियों के लिए खदान संचालक को जिम्मेदार बताते हुए अपना पल्लू झाड़ लेते हैं जिससे ओवरलोड गाड़ियां लगातार पांटून पुल से निकलने में कोई परेशानी नहीं महसूस करती है। रोकथाम के नाम पर कोई आवाज न उठने और प्रशासन तथा पीडब्ल्यूडी की चुप्पी के कारण रात के अंधेरे में और दिन के उजाले में बालू से लदे टैक्टर और ओवरलोड वाहन जिले से फतेहपुर की ओर बेहिचक निकलते हैं। 

आयुक्त को भेजे गए पत्र में आम आदमी पार्टी के नेता ने यह भी आरोप लगाया है कि पुल के ठेकेदार व बालू ठेकेदार का रिश्ता भी है। क्षेत्रीय पुलिस भी इस प्रकरण पर मौन व्रत धारण किए है। गलौली खदान में अब भी निर्धारित पट्टे के बाहर से कारोबार जारी है। खदान की जमीन और सीमांकन की जांच कराने की मांग का जिक्र करते हुए कहा गया है कि यदि नापजोख हो जाए तो कलई खुल जाएगी। आप ने प्रकरण पर गंभीर नजर रखने के साथ कार्यवाही करने की मांग की है। अन्यथा की दशा में आंदोलन और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।